Shimla News: हिमाचल प्रदेश में बिजली दरों और सब्सिडी में कटौती को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा का आरोप है कि प्रदेश की जनता अब बेहद महंगे बिजली बिलों का बोझ उठाने को मजबूर है।
मुफ्त बिजली के चुनावी वादे से पूरी तरह मुकरी कांग्रेस
भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने शनिवार को शिमला में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने बड़े चुनावी वादों से पूरी तरह पीछे हट गई है। चुनाव के समय उन्होंने जनता को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की गारंटी दी थी।
नंदा ने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार बिना किसी शर्त के 125 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही थी। सुक्खू सरकार ने सत्ता में आते ही गरीब जनता की पुरानी राहत भी छीन ली है। इससे मध्यम वर्ग का घरेलू बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है।
उद्योगों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर बढ़ा सेस और टैक्स का बोझ
भाजपा नेता ने आंकड़ों के साथ सरकार की गलत आर्थिक नीतियों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि सितंबर 2023 में बड़े उद्योगों पर बिजली ड्यूटी 11 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी की गई थी। इसके बाद जनवरी 2024 में इसे फिर बढ़ाकर 37.5 फीसदी कर दिया गया।
सरकार ने इस वर्ष व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर एक रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त बिजली सेस भी थोप दिया है। इस भारी टैक्स बढ़ोतरी की सीधी मार राज्य के होटलों, मॉल्स, पेट्रोल पंपों, निजी अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक संस्थानों पर पड़ रही है।
किराएदारों और छात्रों की बंद हुई सब्सिडी, न्यूनतम बिल भी बढ़ा
कर्ण नंदा ने कहा कि अब उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक की बिजली के लिए 5.44 रुपये प्रति यूनिट चुकाना पड़ रहा है। वहीं 126 से 300 यूनिट का स्लैब 5.89 रुपये प्रति यूनिट हो गया है। अब आम लोगों का न्यूनतम बिजली बिल भी बढ़कर 750 रुपये तक पहुंच गया है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार ने दो मीटर से अधिक वाले घरों की बिजली सब्सिडी पूरी तरह बंद कर दी है। इसका सबसे ज्यादा बुरा असर किराए के कमरों और पीजी में रहने वाले गरीब मजदूरों, नौकरीपेशा लोगों और कॉलेज के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।
केंद्र से मिलने वाले फंड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप
भाजपा नेता ने राज्य सरकार पर केंद्र सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता के दुरुपयोग का भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने हिमाचल को ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के तहत बहुत बड़ा आर्थिक पैकेज दिया है। राज्य सरकार उस पैसे का विकास में इस्तेमाल नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार इस केंद्रीय राशि को अनुचित तरीके से अपनी अधूरी राजनीतिक गारंटियों को पूरा करने में डाइवर्ट कर रही है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली दरों को जल्द कम नहीं किया गया, तो वे जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेंगे।
Author: Harikarishan Sharma

