World News: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच भड़की आग अब 25वें दिन में पहुंच गई है। दुनिया सांस रोके इस विनाशलीला को देख रही है। लेकिन अब विनाश के इन बादलों के बीच से शांति की एक नई किरण नजर आई है। माना जा रहा है कि इस भयानक युद्ध का अंत अब करीब आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया है। ट्रंप के इस एक फैसले ने युद्ध के मैदान में अचानक खामोशी ला दी है और पर्दे के पीछे कूटनीति का खेल तेज हो गया है।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता ने दी बातचीत को मंजूरी
लगातार हो रहे हमलों के बीच एक बहुत बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। अल अरबिया ने इजरायली मीडिया के हवाले से एक अहम दावा किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस कदम को शांति की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक फैसला माना जा रहा है। कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दोनों देशों के बीच जारी खूनी संघर्ष जल्द ही रुक सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने किया सीक्रेट बातचीत का बड़ा दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि पिछले एक दिन में वाशिंगटन और तेहरान के बीच अहम बातचीत हुई है। उन्होंने पत्रकारों को खुलकर बताया कि रविवार को ईरान के साथ सीधा संपर्क हुआ था। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यह बातचीत आगे भी जारी रहने की पूरी संभावना है। उन्होंने इस दौरान समझौते के कुछ प्रमुख बिंदुओं का भी जिक्र किया।
ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने संभाला शांति का मोर्चा
शांति वार्ता को लेकर ट्रंप ने दुनिया के सामने कुछ और अहम जानकारियां भी साझा की हैं। उन्होंने बताया कि इस अहम बातचीत में उनके बेहद करीबी लोग शामिल थे। मध्य पूर्व में उनके खास दूत स्टीव विटकॉफ इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा बने। इसके अलावा, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने भी ईरानी प्रतिनिधियों के साथ सीधी चर्चा की है। अमेरिका इस मुद्दे को अब कितनी गंभीरता से ले रहा है, यह इस बात से साफ झलकता है।
ईरान ने ट्रंप के दावों को किया सिरे से खारिज
ट्रंप के इस बड़े दावे के बाद पूरी दुनिया हैरान रह गई थी। लेकिन कुछ ही घंटों बाद ईरान की तरफ से भी एक कड़ा बयान आ गया। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बातचीत वाले दावे का पूरी तरह से खंडन कर दिया है। ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से अपनी सच्चाई बताई है। इस सूत्र ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका के साथ कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बातचीत बिल्कुल नहीं हुई है। इस विरोधाभासी बयान ने अब शांति वार्ता की असल हकीकत पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


