World News: पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले 6 अप्रैल तक के लिए टाल दिए हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान की सरकार की गुजारिश पर यह फैसला लिया गया है। दूसरी ओर, अमेरिका पश्चिम एशिया में 10,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह तैनाती संभावित संघर्षों के लिए सैन्य विकल्पों को बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है।
10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी
जेरूसलम पोस्ट नेवॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत के बावजूद पश्चिम एशिया में 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में युद्ध विभाग के अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि इस तैनाती में 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के अलावा जमीनी सैनिक, पैदल सेना और बख्तरबंद वाहन शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की तैनाती ईरान के रणनीतिक हितों, जैसे खर्ग द्वीप, को निशाना बनाने के उद्देश्य से की गई है।
हमले 6 अप्रैल तक टाले गए
ट्रंप नेसोमवार को ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर शुक्रवार तक हमले न करने की बात कही थी। अब उन्होंने इस अवधि को बढ़ाकर 10 दिन यानी 6 अप्रैल तक करने का फैसला किया। उन्होंने लिखा, “हमने ईरान की सरकार की गुजारिश पर उसके एनर्जी प्लांट्स पर 10 दिनों तक के लिए हमले टाल दिए हैं। ये छूट 6 अप्रैल 2026 रात 8 बजे तक लागू रहेगी।” हालांकि, अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाओं द्वारा ईरान के खिलाफ किए जा रहे हमले अभी भी जारी हैं।
ईरान ने फिर किए हमले
इस बीच,ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शुक्रवार तड़के ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 83वीं लहर के लॉन्च की घोषणा की। इसके तहत उन्नत मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करके पूरे क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव अन्ना केली ने कहा कि सैनिकों की तैनाती से संबंधित सभी घोषणाएं युद्ध विभाग की ओर से की जाएंगी। राष्ट्रपति ट्रंप के पास हमेशा सभी सैन्य विकल्प उपलब्ध हैं। फिलहाल क्षेत्र में तनाव जारी है।


