World/International News: ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले सैकड़ों भारतीय नाविकों ने सुरक्षा के लिए गुहार लगाई है। इन बेकसूर नाविकों का दावा है कि होर्मुज में हो रहे अमेरिकी सैन्य हमलों के दौरान उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
पीड़ित भारतीय नाविकों ने तत्काल मदद की गुहार लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी शेयर किया है। जहाजों पर तैनात क्रू मेंबर्स का गंभीर आरोप है कि भारतीय नाविकों वाले जहाजों को बार-बार मिसाइलों से निशाना बनाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, नाविकों ने बयां किया अपना दर्द
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में परेशान भारतीय नाविक गहरे समुद्र के बीच फंसे हुए दिख रहे हैं। वे लगातार हो रहे इन भीषण हमलों के बीच बेहद असुरक्षित हालात का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है।
वीडियो में क्रू मेंबर्स साफ तौर पर कह रहे हैं कि वहां के जमीनी हालात बहुत ज्यादा खराब हैं। युद्ध क्षेत्र में सिर्फ भारतीय नाविकों वाले जहाजों को ही चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उनकी जान पर भारी आफत आ गई है।
हम मिलिट्री के लोग नहीं, दूसरों की लड़ाई में हमें क्यों घसीटा?
वीडियो में एक परेशान नाविक कहता है कि हम अभी ईरान में हैं और यहां हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। सिर्फ भारतीय क्रू वाले जहाजों पर ही हमले हो रहे हैं। हमें किसी अन्य देश की आपसी लड़ाई में आखिर क्यों घसीटा जा रहा है?
नाविक ने आगे कहा कि हम मिलिट्री के लोग नहीं हैं। हम साधारण कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले नाविक हैं। हम दुनिया भर की इकॉनमी में मदद कर रहे हैं। हम तेल ला रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा कारोबार बढ़ाने में जुटे हैं।
ओमान तट के पास ऑयल टैंकरों पर दागी जा रही हैं मिसाइलें
एक नाविक ने पहले हुए हमलों की आपबीती बताते हुए कहा कि कल जिस जहाज पर भीषण हमला हुआ, उस पर मैंने काम किया था। मैंने वहां के कैप्टन से सीधे बात की है। उन्होंने बताया कि ओमान में एक खतरनाक मिसाइल दागी गई है।
एक और नाविक ने डबडबाई आंखों से बताया कि इस पूरे समुद्री क्षेत्र में 13 लाख से ज्यादा भारतीय नाविक मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। इसके बावजूद संकट के इस दौर में उनकी असहाय आवाज कहीं भी सुनी नहीं जा रही है।
हमले के बाद डूब रहा था मैरिवेक्स ऑयल टैंकर, भेजा संदेश
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते ‘मैरिवेक्स’ नाम के एक बड़े ऑयल टैंकर पर सवार भारतीय क्रू ने मदद के लिए इमरजेंसी मैसेज भेजा था। उन्होंने बताया कि ओमान के तट के पास भीषण हमले के बाद जहाज में भयंकर आग लग गई थी।
हमले के कारण जहाज धीरे-धीरे पानी में डूब रहा था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों से कहा था कि प्लीज हमारी मदद करें। अमेरिकी सेना ने ओमान के तट के पास पलाऊ के झंडे वाले कई ऑयल टैंकरों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं।
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हुई दर्दनाक मौत
इन जहाजों पर भारी संख्या में भारतीय नाविक सवार थे। दुर्भाग्य से, इनमें से एक हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं। वहीं, 24 भारतीय क्रू मेंबर्स वाले एक और जहाज को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, बाद में उसके क्रू को सुरक्षित बचा लिया गया।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक क्रू मेंबर ने मैसेज में कहा था कि यूएस नेवी ने हमला किया है। हमारे इंजन रूम पर सीधे मिसाइल गिरी है। नीचे की तरफ बड़ा छेद हो गया है, कृपया जल्दी मदद भेजें।
यूएस सेंट्रल कमांड ने मिसाइल हमले की बात को स्वीकारा
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन से एक यूएस एफ-18 फाइटर जेट ने उड़ान भरी थी। उसने जहाज के इंजन और स्टीयरिंग सिस्टम पर सटीक निशाना साधा।
अमेरिकी सेना ने वहां एक प्रिसिजन मिसाइल दागी थी। यूएस के मुताबिक, इस कार्रवाई का मुख्य मकसद जहाज को बेकार करना था, क्योंकि उस पर प्रतिबंध लगे हुए थे। वह कथित तौर पर ईरानी बंदरगाहों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा था।
ईरान के विदेश मंत्री ने की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की निंदा
ईरान के विदेश मंत्री ने इस हवाई हमले की कड़ी शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका को उसके गैर-कानूनी व्यवहार के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। यह आक्रामक रवैया वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नेविगेशन की आजादी को भी खतरे में डाल रही है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। फंसे हुए भारतीय नाविक लगातार सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
Author: Pallavi Sharma


