Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में रसोई गैस का भारी संकट पैदा हो गया है। लोग कड़ाके की ठंड में सुबह 6 बजे से गैस गोदामों के बाहर लंबी लाइनों में खड़े हैं। घंटों इंतजार करने के बाद भी सैकड़ों लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों की इस घोर लापरवाही ने आम जनता को रुला दिया है। प्रशासन सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीन पर हकीकत बेहद डरावनी है।
किराये पर खर्च किए 400 रुपये, फिर भी नहीं मिली गैस
सुंदरनगर में गैस वितरण की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उपभोक्ता दूर-दराज के इलाकों से ऑटो और गाड़ियां किराए पर लेकर आ रहे हैं। एक-एक व्यक्ति को 400 रुपये तक का भारी किराया चुकाना पड़ रहा है। इतना पैसा खर्च करने और 5-5 घंटे लाइन में लगने के बाद भी गैस नहीं मिल रही है। लोगों ने गैस एजेंसियों पर मनमानी और भारी पक्षपात करने का गंभीर आरोप लगाया है। एडवांस बुकिंग और नंबर होने के बाद भी कई महीनों से सिलेंडर नहीं दिए गए हैं।
क्या खुलेआम हो रही है गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी?
आम जनता लाइनों में धक्के खा रही है, वहीं दूसरी तरफ कालाबाजारी का खेल भी जारी है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि बाजार में गैस सिलेंडर ऊंचे दामों पर ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि उनके पास गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। लेकिन गोदामों के बाहर की लंबी कतारें प्रशासन के इन दावों की पोल खोल रही हैं। यह स्थिति एक बड़े भ्रष्टाचार की तरफ साफ इशारा कर रही है।
सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी परेशान जनता
इस भारी किल्लत ने महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ा दी है। रसोई का सारा बजट और समय पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। गुस्साए उपभोक्ताओं ने अब स्थानीय प्रशासन को खुली चेतावनी दे दी है। लोगों का कहना है कि अगर गैस सप्लाई तुरंत बहाल नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी तो जनता सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी।


