Evian News: फ्रांस के एवियन शहर में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अचानक मुलाकात हुई। मंगलवार को दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया, लेकिन वे गले नहीं मिले। 16 महीने बाद दोनों नेताओं का यह पहला आमना-सामना है। बुधवार को दोनों के बीच एक अहम औपचारिक द्विपक्षीय बैठक होगी।
यह एक संक्षिप्त और अनौपचारिक मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने थोड़ी देर तक बातचीत भी की। फरवरी 2025 में वाशिंगटन में हुई बैठक के बाद यह उनकी पहली आमने-सामने की चर्चा है। यह मुलाकात भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को एक नई दिशा दे सकती है। इस दौरान दोनों ने पुराने रिश्तों को याद किया और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
व्यापार और रक्षा पर होगी खास चर्चा
बुधवार को होने वाली औपचारिक बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों देश व्यापार, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बातचीत करेंगे। क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर भी खास जोर दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुना करने के बड़े लक्ष्य पर काम चल रहा है, जो संबंधों को नई ऊंचाइयां देगा।
प्रधानमंत्री मोदी इस बैठक में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का मुद्दा उठा सकते हैं। पश्चिम एशिया विवाद के दौरान ऐसे हमले लगातार बढ़े हैं। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के बीच यह मुलाकात बहुत अहम है। दोनों देश व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना चाहते हैं। काम्पैक्ट जैसी पहलों से सैन्य और वाणिज्यिक सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है।
तनाव के बाद रिश्तों में सुधार की उम्मीद
पिछले कुछ समय में दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट आई थी। अमेरिका द्वारा भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाने से भी तनाव काफी बढ़ा था। हालांकि, पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत की यात्रा की थी। रूबियो ने भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी नीति का एक बहुत मजबूत और जरूरी आधार बताया था।
ओमान तट के पास पिछले हफ्ते एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ था। इस दर्दनाक हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। इस घटना ने दोनों देशों के रिश्तों में फिर से थोड़ा तनाव पैदा कर दिया है। इसके अलावा जी-7 सम्मेलन में पीएम मोदी अन्य कई बड़े वैश्विक नेताओं से भी द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे।
Author: Pallavi Sharma


