Himachal News: कांगड़ा जिले के पालमपुर उपमंडल में एक बेहद खौफनाक घटना घटी है। यहां के जंगली जानवरों ने दो गरीब चरवाहों की जिंदगी में तबाही मचा दी है। राख गांव के त्रिलोकचंद और संजय कुमार के 31 मासूम मेमनों को जंगली जानवरों ने बेहरमी से मार डाला है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। गरीब परिवारों की रोजी-रोटी छिन गई है।
चारागाह से लौटने पर दिखा खौफनाक मंजर
त्रिलोकचंद और उनके साथी संजय कुमार अपनी भेड़-बकरियों को चराने पास के चारागाह गए थे। वे छोटे मेमनों को सुरक्षा के लिए डेरे के पास बनी पशुशाला (गोठ) में ही छोड़ गए थे। उन्हें लगा कि वहां मेमने सुरक्षित रहेंगे। लेकिन जब वे शाम को वापस लौटे, तो गोठ का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अज्ञात जंगली जानवरों ने गोठ में घुसकर 31 मेमनों को मौत के घाट उतार दिया था। वहां सिर्फ खून और सन्नाटा बिखरा हुआ था।
भाजपा नेता ने बंधाया ढांढस, मांगी मदद
इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर वहां पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। गरीब चरवाहों का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। कपूर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) और पालमपुर के उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) से बात की। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित चरवाहों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए।
प्रशासनिक टीमों ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। पशुपालन और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने घटनास्थल का दौरा किया है। टीम ने गोठ का मुआयना किया और नुकसान का आकलन किया। विभाग ने अब इस पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने की उम्मीद है।


