New Delhi News: आज के डिजिटल दौर में घर का वाई-फाई हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुका है। ऑफिस का काम हो या बच्चों की पढ़ाई, सब कुछ इंटरनेट पर ही निर्भर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका वाई-फाई कोई और भी चोरी-छिपे चला सकता है?
कमजोर पासवर्ड या पुरानी सुरक्षा सेटिंग्स के कारण कोई अनजान व्यक्ति आपके नेटवर्क में आसानी से घुसपैठ कर सकता है। इसका सीधा असर न सिर्फ आपके इंटरनेट की स्पीड पर पड़ता है, बल्कि आपकी बेहद निजी जानकारी और बैंकिंग डेटा भी हैकर्स के निशाने पर आ सकते हैं।
इन संकेतों से तुरंत पहचानें कि वाई-फाई चोरी हो रहा है
अगर हाल ही में आपका इंटरनेट अचानक बहुत धीमा हो गया है या वीडियो बार-बार बफर हो रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। इसके अलावा यदि आपका डेली इंटरनेट डेटा तय समय से पहले ही खत्म हो रहा है, तो यह नेटवर्क में किसी घुसपैठिये की मौजूदगी का साफ संकेत है।
ऐसी स्थिति में कोई भी अनजान व्यक्ति आपके नेटवर्क से जुड़कर आपकी हर ऑनलाइन एक्टिविटी पर आसानी से नजर रख सकता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल राउटर और स्मार्ट होम डिवाइसेज में सुरक्षा कमियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह खतरा और भी ज्यादा गंभीर हो गया है।
राउटर के एडमिन पैनल से ऐसे पता करें कनेक्टेड डिवाइसेज की लिस्ट
अपने वाई-फाई नेटवर्क से इस समय कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हुए हैं, यह जानने के लिए आप राउटर सेटिंग्स की मदद ले सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने मोबाइल या लैपटॉप के ब्राउज़र में राउटर का IP एड्रेस जैसे 192.168.1.1 दर्ज करके लॉग इन करें।
इसके बाद राउटर के पीछे लिखे यूजरनेम और पासवर्ड को डालकर एडमिन पैनल खोलें। यहां आपको ‘Connected Devices’ या ‘DHCP Client List’ का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करते ही आपके वाई-फाई से चल रहे सभी मोबाइल और लैपटॉप की पूरी सूची सामने आ जाएगी।
अनजान डिवाइस को लिस्ट में पहचानना है बेहद आसान
इस सूची में दिख रहे डिवाइसेज के नाम की तुलना अपने घर के फोन, टीवी और लैपटॉप से करें। कई बार स्मार्ट प्लग जैसे डिवाइस ‘Espressif’ और गेमिंग कंसोल ‘Murata’ के नाम से भी दिखाई देते हैं। अगर कोई नाम बिल्कुल अलग लगे, तो समझें वह आपके पड़ोसी का डिवाइस है।
संदेह होने पर तुरंत बदलें पासवर्ड और एक्टिव करें WPA3 सुरक्षा
यदि लिस्ट में कोई भी संदिग्ध डिवाइस दिखाई दे, तो बिना देर किए तुरंत अपने वाई-फाई का पासवर्ड बदल दें। इसके साथ ही राउटर की सेटिंग्स में जाकर सुरक्षा मोड को ‘WPA3’ पर सेट करें। यह मौजूदा समय का सबसे एडवांस और मजबूत वायरलेस सुरक्षा मानक माना जाता है।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अपने सभी महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर ऑन रखें। साथ ही समय-समय पर अपने राउटर के फर्मवेयर सॉफ्टवेयर को भी अपडेट करते रहें, ताकि हैकर्स आपके नेटवर्क में कभी दोबारा सेंध न लगा सकें।
Author: Mohit


