Dhaka News: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय और ढाका विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारी गाइबांधा जिले में बन रही भगवान राम की देश की सबसे बड़ी प्रतिमा का निर्माण कार्य फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने गाइबांधा के पलाशबाड़ी उपजिला में प्रस्तावित 81 फीट ऊंची भगवान राम की भव्य मूर्ति के निर्माण पर स्थानीय कट्टरपंथी समूहों द्वारा दी जा रही धमकियों का कड़ा विरोध जताया। लगातार बढ़ते सांप्रदायिक तनाव और सुरक्षा खतरों के बीच मूर्ति निर्माण समिति ने फिलहाल काम को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
80 फीसदी काम पूरा, फिर भी काम रोकने का भारी दबाव
इस पूरी विवादित परियोजना को लेकर आयोजकों ने भारी तनाव और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए निर्माण कार्य को स्थगित करने की घोषणा इस महीने की शुरुआत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की थी। इस फैसले के बाद से ही देश के हिंदू संगठनों और युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
गाइबांधा पलाशबारी कोमोरपुर श्री श्री राधा गोविंदा मंदिर समिति के संस्थापक और अध्यक्ष हरिदास चंद्र दास ने मीडिया को बताया कि वे सनातन धर्म के प्रमुख शक्तिस्रोत भगवान राम की ऐतिहासिक प्रतिमा का निर्माण करा रहे हैं। इस 81 फीट ऊंची प्रतिमा का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरी तरह संपन्न हो चुका है।
अल्पसंख्यकों में डर का माहौल, सरकार से लगाई गुहार
मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिदास चंद्र ने भावुक होते हुए कहा कि कुछ कट्टरपंथी समूह इस निर्माण को हमेशा के लिए रोकने के लिए उन पर लगातार मानसिक और सामाजिक दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा समाज डरा हुआ है और इसी डर की वजह से हमें मजबूरन काम रोकना पड़ा।
उन्होंने कानून व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों और नागरिक समाज सहित कार्यवाहक सरकार के प्रमुखों से सुरक्षा सुनिश्चित करने की भावुक अपील की है ताकि इस पवित्र कार्य को पूरा किया जा सके। इधर, बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की केंद्रीय समिति ने भी सरकार से इन सांप्रदायिक खतरों पर तुरंत अंकुश लगाने की मांग की है।
Author: Pallavi Sharma


