Himachal Pradesh News: मंडी में निधि कंपनी ने कथित फर्जी फेसबुक पोस्टों को लेकर जिला प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कंपनी का आरोप है कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर झूठी पोस्ट डालकर उसकी छवि खराब की। इन पोस्टों से ग्राहकों और निवेशकों में डर फैलने की बात कही गई है।
कंपनी ने जिला मजिस्ट्रेट मंडी को दिए शिकायत पत्र में दावा किया है कि वह एक रजिस्टर्ड निधि कंपनी है। कंपनी के अनुसार, वह हिमाचल प्रदेश में वैध रूप से सेवाएं दे रही है। बालीचौकी, पनारसा, गाड़ागुसैनी, पंडोह, बागाचनोगी, गोहर और चैलचौक जैसी शाखाओं का पत्र में उल्लेख किया गया है।
कथित पोस्टों से ग्राहकों में डर फैलने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि बंटी सराजी उर्फ बलदेव ठाकुर नामक व्यक्ति ने फेसबुक पर कंपनी को लेकर गलत जानकारी साझा की। कंपनी का आरोप है कि इन पोस्टों में यह दावा किया गया कि कंपनी का पैसा डूब गया है और ग्राहकों की जमा राशि फंस गई है।
कंपनी के मुताबिक, इन कथित पोस्टों के स्क्रीनशॉट कई ग्राहकों ने प्रबंधन को भेजे। इसके बाद शाखाओं में सवाल और आशंका बढ़ गई। शिकायत में कहा गया कि अफवाहों से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना। कंपनी ने इसे अपनी साख और कारोबार पर गंभीर हमला बताया है।
पत्र में यह भी लिखा गया है कि इससे पहले उर्वशी नामक महिला और ऐल राम नामक व्यक्ति ने भी इसी तरह की कथित पोस्टें डाली थीं। कंपनी का दावा है कि इन पोस्टों ने पहले से ही ग्राहकों को असहज कर दिया था। नई पोस्टों के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई।
करीब दो करोड़ रुपये के नुकसान का दावा
निधि कंपनी ने शिकायत में लगभग दो करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया है। कंपनी के अनुसार, अलग-अलग शाखाओं में जमा राशि की निकासी का दबाव बढ़ गया है। नए डिपॉजिट भी लगभग रुक गए हैं। इससे कंपनी की सामान्य वित्तीय गतिविधियों पर असर पड़ा है।
कंपनी ने पत्र में कहा कि स्टाफ सदस्य और नियमित डिपॉजिटर्स भी मानसिक तनाव में हैं। कई ग्राहक शाखाओं में पहुंचकर अपनी जमा राशि को लेकर सवाल कर रहे हैं। शिकायत के अनुसार, अफवाहों ने भरोसे के माहौल को कमजोर किया और शाखा स्तर पर कामकाज को प्रभावित किया।
प्रशासन से एफआईआर और साइबर जांच की मांग
कंपनी ने जिला प्रशासन से आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। शिकायत में आईटी एक्ट और मानहानि तथा अफवाह से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई का आग्रह किया गया है। कंपनी ने साइबर सेल मंडी से मामले की जांच और निगरानी बढ़ाने की मांग भी रखी है।
शिकायत में फेसबुक और मेटा को नोटिस जारी करने का अनुरोध भी किया गया है। कंपनी चाहती है कि कथित फर्जी पोस्टों को तुरंत हटाया या ब्लॉक किया जाए। उसका कहना है कि जब तक ये पोस्ट सोशल मीडिया पर रहेंगी, ग्राहकों में भ्रम और डर बना रह सकता है।
कंपनी ने जिला प्रशासन से प्रेस नोट या पब्लिक नोटिस जारी करने की भी मांग की है। पत्र में कहा गया कि प्रशासन स्पष्ट करे कि कंपनी वैध रूप से कार्यरत है। कंपनी ने जमा राशियों को सुरक्षित बताया है। हालांकि इस दावे की जांच प्रशासनिक स्तर पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत के साथ कथित फेसबुक पोस्टों के स्क्रीनशॉट, कंपनी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्र और प्रभावित शाखाओं की सूची लगाने की बात कही गई है। कंपनी ने अनुमानित नुकसान का विवरण भी देने की बात लिखी है। प्रबंधन ने प्रशासन को जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
मंडी जिला प्रशासन को भेजे पत्र में मामले को संवेदनशील बताया गया है। कंपनी ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी से वित्तीय संस्थानों और ग्राहकों के बीच भरोसे पर असर पड़ सकता है। अब इस शिकायत पर प्रशासन और साइबर सेल की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
Author: Sunita Gupta


