Mumbai News: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बहुत बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के सात लोकसभा सांसद जल्द ही पाला बदल सकते हैं। इस संभावित टूट को रोकने और विरोधियों को घेरने के लिए राजनीति चरम पर है।
इस सियासी हलचल के बीच उद्धव गुट के कद्दावर नेता और सांसद संजय राउत ने एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को पार्टी बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये का भारी-भरकम एडवांस ऑफर किया जा रहा है।
राउत के आरोप से मची सियासी खलबली
संजय राउत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ‘अपना सपना मनी मनी’ लिखते हुए इस पूरे मामले को बेहद घिनौना और चौंकाने वाला बताया है। खास बात यह है कि उन्होंने इस पोस्ट में राज्य के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग किया है, जिससे राज्य का राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है।
पहले तो संजय राउत इस बात का लगातार खंडन कर रहे थे कि उनकी पार्टी का कोई भी सांसद कहीं जा रहा है। वह विपक्षी दावों को सिर्फ एक कोरी अफवाह बता रहे थे। लेकिन अब उनके इस ताजा और आक्रामक पोस्ट से साफ जाहिर हो रहा है कि भीतर ही भीतर कुछ बड़ा पक रहा है।
दिल्ली पहुंचे उद्धव गुट के कई सांसद
इस बड़े सियासी घटनाक्रम के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अचानक मुंबई से दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके दिल्ली दौरे को इस पूरे मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, उद्धव ठाकरे गुट के भी कई प्रमुख सांसद अचानक दिल्ली पहुंच चुके हैं, जिससे चर्चाएं तेज हैं।
शिरडी से सांसद भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, अनिल देसाई और अरविंद सावंत समेत कई नेता इस समय दिल्ली में मौजूद हैं। अचानक हुए इस दिल्ली दौरे के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार बेहद गर्म है। माना जा रहा है कि परभणी और यवतमाल के सांसद भी दिल्ली आ रहे हैं।
क्या ‘ऑपरेशन टाइगर’ से अलग गुट बनेगा?
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 6 सांसद मिलकर एक अलग गुट बनाने की पूरी तैयारी में हैं। चर्चा है कि ये सभी बागी सांसद जल्द ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल होकर उद्धव ठाकरे को अब तक का सबसे करारा झटका दे सकते हैं।
ये सांसद आज दिल्ली में बैठक कर सकते हैं, जिसमें एकनाथ शिंदे के भी शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद ये सांसद लोकसभा स्पीकर से मिलकर अलग गुट और विलय की औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं। शिवसेना के स्थापना दिवस से ठीक पहले यह बड़ा उलटफेर होने की संभावना है।
Author: Gaurav Malhotra


