8वें वेतन आयोग से पहले कर्मचारियों की बड़ी हुंकार, ग्रेच्युटी सीमा 75 लाख करने और फॉर्मूला बदलने की जोरदार मांग

Delhi News: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। आठवें वेतन आयोग के गठन से ठीक पहले विभिन्न सरकारी कर्मचारी संगठनों ने ग्रेच्युटी नियमों में ऐतिहासिक बदलाव करने की पुरजोर मांग उठा दी है। इससे सेवानिवृत्ति फंड में भारी इजाफा होगा।

कर्मचारी यूनियनों की इन मांगों को यदि सरकार मान लेती है, तो रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। प्रमुख मांगों में ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को बढ़ाना, इसके कैलकुलेशन का नया फॉर्मूला तय करना और मृत्यु के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभों को बढ़ाना शामिल है।

जानिए क्या हैं ग्रेच्युटी के मौजूदा नियम

वर्तमान व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार के कर्मियों को न्यूनतम 5 साल की नियमित सेवा पूरी करने पर ही ग्रेच्युटी का पूरा लाभ मिलता है। इसके अलावा, सेवा के दौरान कर्मचारी की असमय मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवार को नियमों के अनुसार सीधे डेथ ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाता है।

मौजूदा समय में कुल ग्रेच्युटी राशि कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी और डीए के अधिकतम 16.5 गुना से ज्यादा नहीं हो सकती है। सरकार ने इस समय इसकी अधिकतम सीमा को 25 लाख रुपये पर लॉक किया हुआ है। संगठन अब इस पुरानी व्यवस्था को बदलने पर अड़े हैं।

रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षक संघ ने दिया नया फॉर्मूला

भारतीय रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षक संघ ने सरकार को सौंपे अपने विस्तृत ज्ञापन में ग्रेच्युटी सीमा को 25 लाख से बढ़ाकर सीधे 50 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही संगठन ने कैलकुलेशन का एक बिल्कुल नया और बेहद फायदेमंद गणितीय फॉर्मूला भी सुझाया है।

नए फॉर्मूले के अनुसार ग्रेच्युटी की गणना छमाही सेवा अवधि के आधार पर अंतिम वेतन और डीए के एक-तिहाई हिस्से को मिलाकर होनी चाहिए। यदि कोई कर्मचारी 33 साल की सेवा पूरी करता है, तो उसे आखिरी सैलरी का कुल 32 गुना पैसा मिलना चाहिए।

मृत्यु होने पर परिजनों के लिए नया स्लैब

रेलवे संघ ने कर्तव्य के दौरान जान गंवाने वाले रेलकर्मियों के आश्रितों की सामाजिक सुरक्षा के लिए डेथ ग्रेच्युटी के नियमों में बड़े बदलाव की मांग की है। उन्होंने सेवा अवधि के आधार पर मुआवजे का एक नया और पारदर्शी स्लैब बनाने की वकालत की है।

इस नए स्लैब के तहत 1 साल से कम की सेवा पर मूल वेतन का 4 गुना और 1 से 5 साल की सेवा पर 12 गुना भुगतान होगा। वहीं 5 से 11 साल की नौकरी पर 24 गुना और 20 साल से अधिक की सेवा पर 50 गुना तक आर्थिक लाभ मिलेगा।

जेसीएम ने मांगी 75 लाख रुपये की ग्रेच्युटी

रेलवे वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति ने देश में बढ़ती महंगाई को देखते हुए ग्रेच्युटी सीमा की समय-समय पर नियमित समीक्षा करने की मांग उठाई है। उन्होंने मांग की है कि कर्मचारी के रिटायर होने के ठीक पहले दिन ही सारा पैसा सीधे खाते में ट्रांसफर होना चाहिए।

सबसे बड़ा और चौंकाने वाला प्रस्ताव नेशनल काउंसिल-जेसीएम की तरफ से आया है। इस शीर्ष संगठन ने सरकार से ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को सीधे 75 लाख रुपये करने की मांग की है। उन्होंने कैलकुलेशन के लिए महीने के 30 दिनों के बजाय 25 कामकाजी दिनों का आधार मांगा है।

जेसीएम ने आखिरी सैलरी के 16.5 गुना की मौजूदा अधिकतम सीमा को पूरी तरह से खत्म करने की वकालत की है। उनका तर्क है कि इस पुरानी सीमा से 33 साल से अधिक सेवा देने वाले वफादार कर्मचारियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है।

Reported By: Harikarishan Sharma

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