Shanxi News: चीन के उत्तरी प्रांत शानशी से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ की एक प्रमुख कोयला खदान में अचानक भयंकर विस्फोट हो गया है। इस भीषण हादसे में कम से कम आठ मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं खदान के भीतर अब भी 38 मजदूर जिंदगी और मौत के बीच फंसे हैं।
सरकारी मीडिया ने शनिवार सुबह इस भयावह हादसे की आधिकारिक जानकारी देश के सामने रखी है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक चांगझी शहर की लियुशेन्यू कोयला खदान में यह हादसा शुक्रवार शाम को हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और चारों तरफ धुआं फैल गया।
खदान के भीतर काम कर रहे थे सैकड़ों बेबस मजदूर
जिस वक्त यह भयानक हादसा हुआ, उस समय जमीन के नीचे करीब 247 श्रमिक काम कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शनिवार सुबह तक आपदा प्रबंधन टीम ने किसी तरह 201 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
खदान प्रबंधन फिलहाल विस्फोट के असली कारणों की बारीकी से जांच कर रहा है। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन को पूरी ताकत झोंकने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने हर फंसे हुए व्यक्ति की जान बचाने की बात कही है।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश
राष्ट्रपति ने स्थानीय अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच करें। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले दोषियों की पहचान कर उन्हें सख्त तौर पर जवाबदेह ठहराने को भी कहा है। इस कड़े रुख के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच की गति काफी तेज कर दी है।
इस पूरे हादसे ने खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा पर दोबारा बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। शानशी प्रांत को चीन का सबसे मुख्य कोयला उत्पादक क्षेत्र माना जाता है। भारत के कई राज्यों से भी बड़े इस विशेष प्रांत की कुल आबादी करीब तीन करोड़ 40 लाख है।
इस संपन्न प्रांत ने पिछले साल ही अकेले 1.3 अरब टन कोयले का रिकॉर्ड उत्खनन किया था। यह विशाल आंकड़ा पूरे चीन के कुल कोयला उत्पादन का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। भारी उत्पादन के बीच सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं।
फिलहाल खदान के बाहर फंसे हुए मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राहत टीमें ऑक्सीजन की सप्लाई बहाल रखकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की लगातार कोशिश कर रही हैं। आने वाले कुछ घंटे इन मजदूरों की जिंदगी बचाने के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।
Author: Pallavi Sharma


