International News: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पुलवामा हमले के वांटेड आतंकी कमांडर हमजा बुरहान की हत्या से खलबली मच गई है। मुजफ्फरराबाद में अज्ञात हमलावरों ने उसे सरेआम गोलियों से भून दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने पाकिस्तान के आतंकी गठजोड़ को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है।
जनाजे में पहुंचे सैयद सलाहुद्दीन और आईएसआई के लोग
हमजा बुरहान उर्फ अर्जुमंद गुलजार डार के जनाजे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयद सलाहुद्दीन साफ नजर आ रहा है। इसके साथ ही अल-बद्र संगठन के खूंखार आतंकी और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लोग भी वहां देखे गए हैं।
इस अंतिम यात्रा के दौरान वहां भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों से लैस लोग तैनात थे। सोशल मीडिया पर आए इन सनसनीखेज विजुअल्स को देखकर भारत समर्थक विश्लेषकों ने बड़े आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तानी धरती पर अब भी खूंखार आतंकी संगठनों को खुला सरकारी संरक्षण मिल रहा है।
पहचान छिपाकर स्कूल प्रिंसिपल बना हुआ था मोस्ट वांटेड आतंकी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमजा बुरहान भारत से भागकर पाकिस्तान में शरण लिए हुए था। वह मुजफ्फरराबाद के गोजरा इलाके में अपनी पहचान छिपाकर एक स्कूल प्रिंसिपल के रूप में रह रहा था। हालांकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नजरों में वह लगातार खतरनाक आतंकी नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
भारतीय खुफिया एजेंसियों के दावों के अनुसार वह अल-बद्र संगठन के आतंकी लॉन्चपैड संभाल रहा था। वह युवाओं को बहला-फुसलाकर आतंकवाद के रास्ते पर धकेलने के लिए भर्ती अभियान चला रहा था। साल 2018 के बाद उसने अल-बद्र को दोबारा सक्रिय करने के लिए पुराने आतंकियों को एकजुट किया था।
सुरक्षा घेरा तोड़कर अज्ञात हमलावरों ने मारी गोलियां
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को हमजा बुरहान पर हमले की पहले से ही आशंका थी। इसी वजह से उसकी सुरक्षा के लिए दो विशेष हथियारबंद बॉडीगार्ड तैनात किए गए थे। घटना के वक्त वह मुजफ्फरराबाद के एक कॉलेज के बाहर दो अज्ञात लोगों से मिलने के लिए गया था।
इस दौरान वह अपने दोनों सुरक्षाकर्मियों को कुछ दूरी पर पीछे छोड़ आया था। इसी बात का फायदा उठाकर घात लगाए हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस मामले में अभी तक पाकिस्तान सरकार या वहां की सेना की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हमजा बुरहान का नाम साल 2019 के भीषण पुलवामा आतंकी हमले से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था। भारत सरकार लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान द्वारा पोषित सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाती रही है। इस ताजा घटनाक्रम ने पीओके में सक्रिय आतंकी ठिकानों की सच्चाई को फिर उजागर कर दिया है।
Author: Pallavi Sharma


