Rome News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच रोम में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस ने कूटनीतिक संबंधों में एक नया जोश भर दिया है। इतालवी प्रधानमंत्री मेलोनी ने दोनों देशों के रिश्तों को अब तक के सबसे करीबी दौर में बताया। मेलोनी ने इस दौरान हिंदी के प्रसिद्ध मुहावरे ‘परिश्रम ही सफलता की कुंजी है’ का उपयोग कर भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी आत्मीयता दर्शाई।
मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी का रोम में स्वागत करते हुए इसे भारत-इटली संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना ‘दोस्त’ संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दूरी को पाटने की बात कही। यह दौरा न केवल रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने वाला है, बल्कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी एक महत्वपूर्ण जरिया बन गया है।
26 साल बाद भारत के किसी प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय यात्रा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा करते हुए मेलोनी ने बताया कि साल 2000 के बाद यानी पूरे 26 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इटली की द्विपक्षीय यात्रा की है। उन्होंने कहा कि आज इस यात्रा के जरिए दोनों देश न केवल उस अंतराल को भर रहे हैं, बल्कि भविष्य के लिए संबंधों को फिर से परिभाषित करने का दृढ़ संकल्प भी ले रहे हैं।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी का इटली की प्रधानमंत्री को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट करते हुए एक वीडियो भी खूब वायरल हुआ था, जिसने दोनों नेताओं के बीच की गर्मजोशी और व्यक्तिगत जुड़ाव को दुनिया के सामने खूबसूरती से प्रदर्शित किया था।
रणनीतिक साझेदारी और भविष्य की राह
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का केंद्र आपसी सहयोग को भविष्य के लिए तैयार करना रहा। इटली की प्रधानमंत्री ने मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके आने से संबंधों को नई गति और आत्मविश्वास मिला है। यह दौरा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत और इटली अब वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और आर्थिक संभावनाओं को तलाशने के लिए एक साथ खड़े हैं।
अगले कुछ वर्षों में रक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में साझेदारी के नए आयाम जुड़ने की उम्मीद है। पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की यह मुलाकात केवल कूटनीतिक औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने दोनों देशों के बीच एक स्थायी मित्रता की नींव और मजबूत कर दी है, जो आने वाले समय में विश्व पटल पर एक नई साझेदारी के रूप में उभरेगी।
Author: Pallavi Sharma

