Norway News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे पर एक बड़ा हाई-प्रोफाइल ड्रामा शुरू हो गया है। राजधानी ओस्लो में जॉइंट प्रेस ब्रीफिंग के बाद एक महिला पत्रकार ने पीएम मोदी को रोकने की कोशिश की। इस तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर सीधा निशाना साधा है।
विदेशी पत्रकार हेले लिंग ने उठाए गंभीर सवाल
दरअसल, द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों के नेता प्रेस रूम से बाहर निकल रहे थे। तभी नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने पीएम मोदी से पूछा कि वह मीडिया से बात क्यों नहीं कर रहे हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए हेले ने वर्ल्ड प्रेस इंडेक्स का हवाला दिया। उन्होंने भारत की तुलना फिलिस्तीन और क्यूबा से कर दी।

महिला पत्रकार के इस तल्ख पोस्ट पर नॉर्वे स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। भारतीय दूतावास ने बेहद कूटनीतिक अंदाज में हेले लिंग को टैग किया। उन्होंने लिखा कि रेडिसन ब्लू प्लाजा होटल में रात को विशेष प्रेस ब्रीफिंग का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने पत्रकार को खुला न्योता दिया कि वह वहां आकर अपने तीखे सवाल सीधे पूछ सकती हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
इस पूरे अंतरराष्ट्रीय विवाद के बाद भारत में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता, तो डरने की बात नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि ऐसे दृश्यों से वैश्विक मंच पर भारत की छवि प्रभावित होती है।
करीब 43 साल बाद हुआ यह ऐतिहासिक दौरा
यह नरेंद्र मोदी की पहली और किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 43 वर्षों बाद नॉर्वे की ऐतिहासिक यात्रा है। इस दौरान पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गाहर स्टोरे ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर लंबी बातचीत की। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने साझा बयान में हर तरह के हिंसक उग्रवाद और सीमा पार आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के मौजूदा तनाव पर भी गहरी चिंता जताई। पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति पर विश्वास रखता है। सैन्य संघर्ष से किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। बैठक में क्लीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्पेस और आर्कटिक रिसर्च जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
Author: Pallavi Sharma


