Science News: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक और नया इतिहास रच दिया है। कंपनी के सबसे विशाल और नए स्टारशिप अंतरिक्ष यान ने हिंद महासागर में सफलतापूर्वक पानी में लैंडिंग की है। इस महाशक्तिशाली रॉकेट की परीक्षण उड़ान काफी हद तक कामयाब रही है।
नाटकीय उतार-चढ़ाव के बीच अंतरिक्ष यान ने भरी उड़ान
लगभग एक घंटे तक चला यह रोमांचक मिशन ठीक उसी जगह समाप्त हुआ, जिसकी वैज्ञानिकों ने पहले से योजना बनाई थी। स्टारशिप के बड़े वी3 मॉडल का यह पहला ऐतिहासिक लॉन्च था। इस पूरी उड़ान के दौरान वैज्ञानिकों को सफलताओं और असफलताओं का एक नाटकीय संतुलन देखने को मिला।
इस महाकाय यान ने टेक्सास के सुदूर दक्षिणी छोर पर स्थित स्पेसएक्स की स्टारबेस सुविधा से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के बाद यह यान खाड़ी के ऊपर से बहुत तेजी से गुजरा। लगभग एक घंटे के सफर के बाद स्टारशिप का ऊपरी हिस्सा सीधे हिंद महासागर में जा गिरा।
राप्टर इंजनों की ताकत से मस्क की टीम झूम उठी
काउंटडाउन के दौरान इस बार वैज्ञानिकों को किसी भी तरह की तकनीकी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। स्टारशिप ने अपनी तय समय सीमा के भीतर उड़ान भरी और इसके सभी 33 राप्टर इंजनों ने अपनी पूरी ताकत दिखाई। हालांकि, उड़ान के दौरान कुछ छोटी तकनीकी खामियां भी दर्ज की गईं।
इस बड़े परीक्षण के सफल होते ही लाइवस्ट्रीम पर स्पेसएक्स के कर्मचारी खुशी से झूम उठे। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब एलन मस्क की कंपनी जून में अपना रिकॉर्ड तोड़ इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ लाने की अंतिम तैयारियों में जुटी हुई है।
आग की लपटों के बीच पूरी तरह नियंत्रित रही लैंडिंग
इस रॉकेट ने अमेरिकी स्थानीय समयानुसार शाम 5:30 बजे के ठीक बाद अंतरिक्ष के लिए प्रस्थान किया था। कंपनी की योजना बूस्टर को वापस सुरक्षित सुरक्षित लाने की नहीं थी। योजना के मुताबिक अंतिम स्प्लैशडाउन आग की लपटों से घिरा होने के बावजूद पूरी तरह से नियंत्रित था।
स्पेसएक्स का मुख्य उद्देश्य अपने नए उन्नत डिजाइनों और अत्याधुनिक तकनीकों का कड़े माहौल में परीक्षण करना था। स्टारशिप के तीसरी पीढ़ी के इस यान ने हवा में एक बेहद कठिन और अनोखा करतब दिखाया। एक इंजन खराब होने के बावजूद यान ने खुद को सीधा कर लिया।
नासा के आर्टेमिस और मून मिशन के लिए अहम कामयाबी
इस यान ने अंतरिक्ष में अपने 22 डमी सैटेलाइट्स को भी सफलतापूर्वक तैनात किया। हालांकि, शुरुआती बर्न के दौरान एक इंजन की खराबी से यह बिल्कुल सटीक कक्षा में नहीं पहुंच सका। अधिकारियों के अनुसार, इसके बावजूद यह पहले से तय प्रक्षेपवक्र की सीमाओं के भीतर ही था।
इस बीच, यान का सुपर हैवी बूस्टर मेक्सिको की खाड़ी में अनियंत्रित होकर गिर गया। स्टारशिप की यह कुल 12वीं उड़ान थी, जो पिछले सात महीनों में पहला बड़ा परीक्षण है। इसका नया डिजाइन अपने पुराने संस्करणों से काफी बड़ा और लगभग 407 फीट लंबा है।
इस बड़ी सफलता पर नासा के भविष्य के कई मून मिशन निर्भर करते हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के आर्टेमिस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य इंसानों को दोबारा चांद पर भेजना है। अंतरिक्ष विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्टेमिस मिशन के लिए पूरी तरह तैयार होने से पहले अभी कई और परीक्षण होने बाकी हैं।
Author: Mohit


