Washington News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए लगभग तैयार हो गया है। उन्होंने CNBC को दिए इंटरव्यू में कहा कि तेहरान उन सभी शर्तों पर राजी है, जिनकी अमेरिका को जरूरत है। ट्रंप ने साफ किया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा।
ईरान में सत्ता परिवर्तन अमेरिका का मुख्य मकसद नहीं है
डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि उनका मकसद तेहरान में सत्ता परिवर्तन करना बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का पूरा ध्यान सिर्फ ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त रखने पर केंद्रित है। ट्रंप के मुताबिक, मौजूदा बातचीत का रुख पूरी तरह से वॉशिंगटन के पक्ष में आगे बढ़ रहा है।
अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य क्षमताओं को काफी कमजोर किया
ट्रंप ने दावा किया कि जब से वह सत्ता में लौटे हैं, अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना अब पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है। ट्रंप के मुताबिक, पिछले हफ्तों में अमेरिका ने जहाजों पर ड्रोन हमले के जवाब में लगातार कई रातें जोरदार प्रहार किए हैं।
नौसैनिक नाकेबंदी से ईरान की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हुई
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान की सख्त नाकेबंदी की है, जिसने एक स्टील की दीवार की तरह काम किया है। इस सख्त कदम के कारण कोई भी जहाज ईरान तक नहीं पहुंच सका। ट्रंप के अनुसार, इस आर्थिक दबाव से ईरान में महंगाई दर 300 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
अमेरिकी किसानों से कृषि उत्पाद खरीद सकता है ईरान देश
ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि दोनों देशों के बीच बातचीत से कोई अंतिम समझौता होता है, तो अमेरिका ईरान की मदद कर सकता है। वॉशिंगटन अंततः ईरान को मक्का, गेहूं और सोयाबीन जैसे कृषि उत्पादों की सप्लाई कर सकता है। यह सभी उत्पाद खास तौर पर अमेरिकी किसानों से ही खरीदे जाएंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना ने संभाली कमान
राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अपने प्रशासन के ऑपरेशन्स का मजबूती से बचाव किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने हर रात जहाजों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इस मुस्तैदी की वजह से ही दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी और अचानक बढ़ोतरी को रोका जा सका है।

