Prayagraj News: लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग किनारे स्थित कौड़िहार का ग्राम पंचायत मार्केट इन दिनों खतरे के बीच संचालित हो रहा है। करीब 55 साल पुरानी यह इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। छतों से प्लास्टर झड़ रहा है, कई जगह छत गिर चुकी है और दीवारों में गहरी दरारें हैं। इसके बावजूद यहां दर्जनों दुकानदार रोजाना व्यापार कर रहे हैं। प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए सभी दुकानदारों को 2 अप्रैल तक दुकानें खाली करने का अल्टीमेटम दिया है।
55 साल पुराना मार्केट, जर्जर हालत में व्यापार
इस पंचायत मार्केट कानिर्माण करीब पांच दशक पहले स्वर्गीय प्रधान राम मनोहर पांडे ने कराया था। उस समय यहां 40 दुकानें बनी थीं। हाईवे चौड़ीकरण के दौरान दो दुकानें टूट गईं, अब 38 दुकानें शेष हैं। इनमें फल, नाश्ता, बीज भंडार, सिलाई और अन्य जरूरी सामान का कारोबार होता है। स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें इसी बाजार से पूरी होती हैं। दुकानदार अपनी रोजी-रोटी के कारण यहां से हटना नहीं चाहते। कई दुकानदार अपने स्तर पर टूटी छतों और दीवारों की मरम्मत कर काम चला रहे हैं, लेकिन यह अस्थायी उपाय किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है।
कोल्ड स्टोर हादसे के बाद प्रशासन सतर्क
हाल हीमें फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में कोल्ड स्टोर में अमोनिया गैस पाइपलाइन फटने की घटना के बाद प्रशासन सतर्क हुआ है। इस हादसे में कई लोग घायल हुए थे। इसी घटना के बाद कौड़िहार के इस जर्जर मार्केट को लेकर प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। ग्राम पंचायत सचिवालय में एडीओ पंचायत हरदेव पटेल, ग्राम पंचायत सचिव सीमा मौर्य और प्रधान रवि केसरवानी की मौजूदगी में दुकानदारों के साथ बैठक की गई। बैठक में भवन की खतरनाक स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
दुकानदारों ने वैकल्पिक जगह की मांग की
दुकानदारोंने पंचायत भवन के पीछे खाली पड़ी जमीन पर नई दुकानों के निर्माण की मांग रखी, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो। प्रधान रवि केसरवानी ने बताया कि अब तक चार बार नोटिस चस्पा किया जा चुका है, लेकिन दुकानदार दुकानें खाली करने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन ने सभी दुकानदारों को 2 अप्रैल तक दुकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। साफ कहा गया है कि निर्धारित समय के बाद भी यदि कोई दुकानदार वहां व्यापार करता पाया गया, तो उसे हलफनामा देकर किसी भी अनहोनी की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। फिलहाल कौड़िहार का यह पंचायत मार्केट हर दिन खतरे के साये में चल रहा है।


