West Bengal Politics: बंगाल में तृणमूल नेताओं की बीजेपी में जाने की मची होड़, प्रदेश अध्यक्ष की सख्त चेतावनी से हड़कंप

West Bengal News: बंगाल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में बड़ा फैसला लिया है। टीएमसी खेमे में मची भारी खलबली के बीच बीजेपी ने नए चेहरों की एंट्री पर फिलहाल पूरी तरह से रोक लगा दी है।

चुनावी नतीजों के बाद पूरे राज्य का सियासी नजारा तेजी से बदल गया है। केसरिया झंडों और गुलाल के साथ बीजेपी समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। हालात को भांपते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर सैकड़ों टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पाला बदल लिया है।

यूनियन दफ्तरों का बदला रंग और पुरानी राजनीतिक परंपरा

नई सरकार के गठन के तुरंत बाद पूर्ववर्ती टीएमसी राज के यूनियन ऑफिसों पर बीजेपी के झंडे और सीएम शुभेंदु अधिकारी की तस्वीरें सजने लगी हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल की सत्ता बदलने के साथ ही पार्टी बदलने का यह ट्रेंड दशकों पुराना रहा है।

इससे पहले साल 2011 में जब वामपंथी मोर्चे के किले को ढहाकर तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, तब पूरे राज्य का रंग अचानक हरा हो गया था। उस समय भी वामपंथियों के ऑटो-टैक्सी यूनियन दफ्तरों पर रातों-रात टीएमसी ने अपना कब्जा जमा लिया था।

बीजेपी का ‘तृणमूलीकरण’ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

टीएमसी पार्षदों और जिला स्तर के बड़े नेताओं में मची इस होड़ को देखते हुए बीजेपी आलाकमान बेहद सतर्क हो गया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने अपनी पहली औपचारिक सांगठनिक बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत जारी की है।

भट्टाचार्य ने कड़े लहजे में कहा कि पार्टी का ‘तृणमूलीकरण’ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नए नियमों के तहत अब विपक्षी दलों के दफ्तरों या ट्रेड यूनियनों पर जबरन कब्जा करने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। दोषी पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

बीजेपी ने अवैध वसूली, रंगदारी और सिंडिकेट राज चलाने वालों पर तुरंत एक्शन लेने के लिए एक विशेष अनुशासन समिति बनाई है। इसके अलावा नए प्रोटोकॉल के तहत पोस्टरों में सीएम शुभेंदु अधिकारी की तस्वीर प्रदेश अध्यक्ष से पहले लगाना अनिवार्य होगा।

रणनीतिकार सुनील बंसल ने राज्य इकाई को दिया नया टास्क

चुनाव में शानदार जीत की स्क्रिप्ट लिखने वाले राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल भी पश्चिम बंगाल में पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नेताओं को आगामी 25 मई तक 15-सदस्यीय जिला कोर कमेटियों का गठन करने का टास्क दिया है।

सुनील बंसल ने साफ चेतावनी दी है कि अब से किसी भी तरह की सांगठनिक ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला अध्यक्षों को एकतरफा फैसले लेने से मना किया है। उन्होंने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए प्रत्येक जिले में 100 मजबूत कार्यकर्ताओं की पहचान करने की अपील की है।

Author: Sourav Banerjee

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