Social Media News: इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का एक व्यंग्यात्मक पेज तेजी से वायरल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत से जुड़ी एक कथित टिप्पणी के बाद इस डिजिटल आंदोलन ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
जस्टिस सूर्यकांत ने बाद में यह साफ किया कि मीडिया के एक वर्ग ने उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया। इस पूरे ऑनलाइन आंदोलन के केंद्र में इसके संस्थापक अभिजीत दीपके हैं। सोशल मीडिया यूजर्स अब अभिजीत दीपके की पृष्ठभूमि और उनकी जातिगत पहचान के बारे में लगातार सर्च कर रहे हैं।
अभिजीत दीपके ने खुद किया अपनी सामाजिक पहचान का खुलासा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभिजीत दीपके द्वारा खुद साझा की गई पोस्ट के मुताबिक वह दलित समुदाय से आते हैं। उन्होंने इस डिजिटल आंदोलन के ऑनलाइन जोर पकड़ने के दौरान सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान बताई थी। इसके बाद से यह पूरा मुद्दा इंटरनेट यूजर्स के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया।
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत किसी पारंपरिक राजनीतिक दल के रूप में चुनाव लड़ने के लिए नहीं हुई थी। यह बेरोजगारी के मुद्दे पर युवाओं को कथित तौर पर कॉकरोच कहने वाली टिप्पणी के विरोध में शुरू हुआ था। यह अभियान देखते ही देखते एक मीम आधारित आक्रामक पैरोडी शैली के डिजिटल आंदोलन में बदल गया।
लाखों फॉलोअर्स के साथ जनरेशन जेड के बीच बनी बड़ी पसंद
लॉन्च होने के कुछ ही दिनों के भीतर इस पेज के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या कथित तौर पर 20 मिलियन को पार कर गई। इस अनूठे पेज ने देश के कई बड़े राजनीतिक दलों के ऑनलाइन फॉलोअर्स के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके सत्ता विरोधी संदेशों ने युवा दर्शकों को सबसे ज्यादा आकर्षित किया।
इस डिजिटल अभियान की शुरुआत करने से पहले अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया विंग से जुड़े हुए थे। हालांकि यह मुख्य रूप से एक व्यंग्यात्मक और पैरोडी पहल है। इसके बावजूद इसने देश के युवाओं से जुड़े कई गंभीर और बड़े मुद्दों पर एक व्यापक बहस को जन्म दे दिया है।
Author: Sachin Kulkarni

