Mumbai News: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। बैंक कर्मचारियों की आगामी 25 और 26 मई को होने वाली देशव्यापी हड़ताल अब पूरी तरह टल गई है। बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संघों के बीच हुई बैठक सफल रही।
शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच मुंबई में एक सकारात्मक बातचीत हुई। इसके बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस लेने का अहम फैसला किया। बैंक प्रबंधन ने साफ किया है कि इस फैसले के बाद देश की सभी एसबीआई शाखाएं सामान्य दिनों की तरह खुली रहेंगी।
प्रबंधन से सकारात्मक बातचीत के बाद हड़ताल का फैसला बदला
अखिल भारतीय एसबीआई कर्मचारी महासंघ (AISBISF) ने पर्याप्त स्टाफ की भर्ती समेत अपनी कई पुरानी मांगों को लेकर दो दिनों की देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी थी। इस संबंध में बैंक ने अब अपने 52 करोड़ खाताधारकों के लिए एक नया परामर्श भी जारी किया है।
एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन (बंगाल सर्किल) के सचिव सुदीप दत्ता ने बताया कि मुंबई कॉरपोरेट सेंटर में हुई बैठक बहुत अच्छी रही। उन्होंने कहा कि महासंघ की कई प्रमुख मांगों पर प्रबंधन ने उचित सहमति जताई है। इन अनुकूल परिस्थितियों के कारण ही हड़ताल टाली गई।
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में कर्मचारी महासंघ ने अपनी 16 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया था। इन मांगों में नए संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की तुरंत भर्ती करना शामिल था। वे बैंक में पर्याप्त स्थाई कर्मचारियों की तैनाती चाहते थे।
कर्मचारियों ने उठाई थीं आउटसोर्सिंग और क्लर्क भर्ती से जुड़ी मांगें
कर्मचारी महासंघ ने बैंक कार्यों में लगातार बढ़ रही आउटसोर्सिंग को रोकने की मांग भी उठाई थी। इसके अलावा वे करियर प्रगति योजनाओं की समीक्षा और चिकित्सा प्रतिपूर्ति में बड़े सुधार चाहते थे। वे लंबे समय से एचआरएमएस से जुड़े मुद्दों का समाधान ढूंढ रहे थे।
महासंघ ने बैंक के भीतर क्लर्कों की लगातार घटती भर्ती पर गंभीर चिंता जताई थी। रिक्त पद न भरने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव बढ़ रहा था। वे इंटर-सर्किल स्थानांतरण में देरी और पेंशन से जुड़े मुद्दों का तत्काल निवारण चाहते थे।
महासंघ के महासचिव एल चंद्रशेखर ने अपने सदस्यों को एक विशेष संदेश भेजा है। उन्होंने कहा कि बैंक प्रबंधन के साथ बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। इस सफलता को देखते हुए ही वर्तमान में प्रस्तावित दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन स्थगित किया गया है।
यदि यह हड़ताल होती तो ग्राहकों को पांच दिनों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ती। हड़ताल से पहले महीने का चौथा शनिवार और रविवार पड़ रहा था। इसके अलावा 27 मई को ईद-उल-अजहा के कारण भी कई राज्यों के बैंकों में पहले से ही छुट्टी तय थी।
Author: Rajesh Kumar

