Delhi News: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र और गहरी आस्था का प्रतीक माना जाता है। घर के आंगन में तुलसी लगाना, उसे नियमित जल अर्पित करना और सुबह-शाम दीपक जलाना हमारी सदियों पुरानी परंपरा है। हालांकि, इसका महत्व सिर्फ धार्मिक मान्यताओं तक ही सीमित नहीं है।
आयुर्वेद में तुलसी को एक तरह से संजीवनी बूटी का दर्जा दिया गया है, जो कई चमत्कारी औषधीय गुणों से भरपूर है। यही मुख्य वजह है कि घर में तुलसी का होना सिर्फ वास्तु दोष या धर्म के लिए ही नहीं, बल्कि आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए भी बेहद जरूरी है।

हवा को शुद्ध रखने के साथ बीमारियों से भी बचाती है तुलसी
आज के समय में जब प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है, तुलसी का पौधा एक बेहतरीन नेचुरल एयर प्यूरीफायर का काम करता है। यह पौधा आसपास के वातावरण से हानिकारक गैसों और पॉल्यूटेंट्स को सोख लेता है। यह विषैली हवा को साफ करके भारी मात्रा में शुद्ध ऑक्सीजन रिलीज करता है।
तुलसी को जड़ी-बूटियों की रानी कहा जाता है, क्योंकि इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण कूट-कूट कर भरे होते हैं। रोजाना इसकी दो-तीन पत्तियां चबाने या काढ़ा पीने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है। यह सर्दी, खांसी, सांस की तकलीफ और मानसिक तनाव को दूर करने में रामबाण है।
इस पवित्र पौधे से निकलने वाली एक खास प्राकृतिक सुगंध मच्छरों, मक्खियों और अन्य छोटे कीड़े-मकोड़ों को घर के भीतर आने से पूरी तरह रोकती है। डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों को दूर भगाने में इसकी महक बहुत असरदार है। इसके अलावा, यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर सकारात्मकता बढ़ाती है।
Author: Pandit Balkrishan Sharma

