Varanasi News: बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के नाम पर सोशल मीडिया पर एक फर्जी भर्ती विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम पर प्रसारित इस पोस्ट में लैब असिस्टेंट और क्लर्क समेत कई पदों पर बिना परीक्षा सीधे चयन का झूठा दावा किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने युवाओं को इस धोखाधड़ी से सावधान रहने की चेतावनी दी है।
फर्जी वेबसाइट के जरिए युवाओं का पर्सनल डेटा चुरा रहे शातिर स्कैमर्स
इस भ्रामक विज्ञापन में 45 हजार से 65 हजार रुपये तक मासिक वेतन देने का प्रलोभन दिया गया है। करीब 300 से अधिक बेरोजगार युवा अब तक इस झांसे में आकर कमेंट बॉक्स में आवेदन की इच्छा जता चुके हैं। इस पोस्ट में दिया गया लिंक यूजर को एक संदिग्ध निजी डोमेन पर ले जाता है।
लिंक खोलते ही यूजर एक बिल्कुल अलग वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं। वहां बीएचयू को एक वैश्विक कॉर्पोरेट कंपनी की तरह पेश किया गया है। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी फर्जी वेबसाइट्स युवाओं का मोबाइल नंबर, ईमेल और अन्य निजी दस्तावेज इकट्ठा कर उन्हें वित्तीय ठगी का शिकार बनाने के लिए तैयार की जाती हैं।
सरकारी नौकरी पाने का सही और लीगल तरीका पहचानना बेहद जरूरी
बीएचयू के डीन प्रो. यूपी सिंह ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की सभी आधिकारिक वैकेंसियां केवल मुख्य वेबसाइट bhu.ac.in पर ही जारी होती हैं। किसी भी सरकारी या केंद्रीय संस्थान में सीधी भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया हमेशा लिखित परीक्षा, इंटरव्यू या तय मेरिट के नियमों के आधार पर ही पूरी की जाती है।
पिछले कुछ समय में देश के भीतर ऑनलाइन जॉब स्कैम के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। शातिर अपराधी रेलवे, बैंक और नामी यूनिवर्सिटी के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। युवाओं को किसी भी अनजान लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी या महत्वपूर्ण सरकारी पहचान पत्र साझा करने से बचना चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलते इस जाल को रोकने के लिए डिजिटल सतर्कता ही एकमात्र सबसे प्रभावी उपाय है। रोजगार समाचार या आधिकारिक सरकारी पोर्टल्स पर दी गई जानकारी को ही हमेशा सच मानें। इंस्टाग्राम या टेलीग्राम पर मिलने वाले प्रलोभनों की सत्यता जांचे बिना आगे कदम बढ़ाना बेहद खतरनाक हो सकता है।
Author: Ajay Mishra

