MPLAD फंड पर कांग्रेस सांसद की मांग: 5 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ करें, GST भी हटाएं

Parliament News: कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने बुधवार को कहा कि एमपीएलएडी योजना के तहत सांसदों को मिलने वाले 5 करोड़ रुपये का वार्षिक आवंटन ‘काफी कम’ है। उन्होंने इसे बढ़ाकर कम से कम 20 करोड़ रुपये करने और योजना के तहत होने वाले कार्यों पर लगने वाले जीएसटी को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की।

मुद्रास्फीति और बढ़ती जनसंख्या का हवाला

शून्यकाल केदौरान यह मुद्दा उठाते हुए तिवारी ने कहा कि एमपीएलएडी योजना सांसदों के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने तर्क दिया कि मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए और कई निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी 20 लाख से अधिक होने के कारण 5 करोड़ रुपये का आवंटन काफी कम है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से विकास कार्यों की लागत कई गुना बढ़ने के बावजूद आवंटन में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

जीएसटी से घट जाती है राशि

तिवारीने बताया कि सीमेंट, स्टील और श्रम जैसी सामग्रियों की लागत में वृद्धि हुई है। साथ ही निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि एमपीएलएडी योजना के तहत किए गए कार्यों पर आमतौर पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जिससे 5 करोड़ रुपये में से केवल 4.10 करोड़ रुपये बचते हैं। 90 लाख रुपये सीधे जीएसटी में चले जाते हैं।

20 करोड़ आवंटन और GST मुक्त करने की मांग

कांग्रेस सांसद नेकहा कि महंगाई और निर्वाचन क्षेत्रों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस योजना के तहत वार्षिक आवंटन को कम से कम 20 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यसभा अध्यक्ष सी पी राधाकृष्णन से इस संबंध में निर्णय लेने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की। उन्होंने यह भी मांग की कि इस योजना के तहत किए गए कार्यों पर लगने वाला जीएसटी समाप्त कर दिया जाए, जिससे यह योजना ‘जीएसटी-मुक्त’ हो सके।

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