Business News: देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर एक बेहद जरूरी और बड़ा अपडेट सामने आया है। बीते 13 मार्च को असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की 22वीं किस्त ट्रांसफर की थी। इसके बाद से ही सभी लाभार्थी अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं।
सरकारी नियमों के अनुसार अगली यानी 23वीं किस्त जून या जुलाई के आसपास जारी हो सकती है। हालांकि, अगर लाभार्थी किसानों ने 30 जून तक एक आवश्यक कार्य पूरा नहीं किया, तो उनके खाते में आने वाले ₹2,000 अटक जाएंगे। केंद्र सरकार ने इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
30 जून तक ई-केवाईसी कराना हुआ बेहद अनिवार्य
सभी पात्र लाभार्थी किसानों के लिए 30 जून तक अपनी अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करना बेहद जरूरी है। इसके बिना 23वीं किस्त का लाभ नहीं मिल पाएगा। मध्य प्रदेश के आगर मालवा की कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव सहित कई जिलाधिकारियों ने प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों और कृषि विभाग के मैदानी अमले को गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है। प्रशासन हर हाल में तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित कराना चाहता है। इस मुस्तैदी का एकमात्र उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र किसान इस आर्थिक लाभ से वंचित न रहे।
ई-केवाईसी कराने के 3 सबसे आसान विकल्प
किसान भाई अपनी सुविधा के अनुसार इन तीन आसान तरीकों में से किसी भी एक जरिए से अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पहला तरीका ओटीपी आधारित है। इसके लिए आपको पीएम-किसान पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर जाकर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी का उपयोग करना होगा।
दूसरा तरीका बायोमेट्रिक आधारित है। इसके तहत आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर उंगलियों के निशान के जरिए इसे पूरा करा सकते हैं। तीसरा तरीका फेस ऑथेंटिकेशन का है। इसके लिए पीएम किसान मोबाइल ऐप पर जाकर केवल अपना चेहरा स्कैन करना होता है, जो बेहद सरल है।
सालाना ₹6,000 की वित्तीय मदद देती है सरकार
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत भूमिधारक किसान परिवारों को आर्थिक संबल देना है। इसके तहत पात्र किसानों को खेती-किसानी और अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए हर साल ₹6,000 की मदद मिलती है।
सरकार यह राशि ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में, हर चार महीने के अंतराल पर सीधे किसानों के खातों में भेजती है। यह पूरी प्रक्रिया डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी (DBT) के जरिए सुरक्षित तरीके से पूरी की जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाती है।
घर बैठे ऐसे चेक करें बेनिफिशियरी स्टेटस
आपका नाम सरकार की लिस्ट में सही-सही दर्ज है या नहीं, इसे आप मोबाइल पर ही आसानी से चेक कर सकते हैं। सबसे पहले पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद होम पेज पर दिए गए ‘Beneficiary Status’ वाले विकल्प पर क्लिक करके अपनी जरूरी डिटेल्स दर्ज करें।
जैसे ही आप ‘Get Data’ पर क्लिक करेंगे, आपके भुगतान और पात्रता की पूरी डिटेल्स स्क्रीन पर आ जाएगी। यदि ऑनलाइन ई-केवाईसी करने में कोई तकनीकी दिक्कत आए, तो तुरंत अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी या ग्राम पंचायत सचिव से मिलकर मदद लें और अंतिम तारीख का इंतजार न करें।
Author: Rajesh Kumar

