London News: ब्रिटेन की राजधानी लंदन में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर एक भीषण हमला किया गया है। उत्तरी लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में एक प्रार्थना स्थल (Synagogue) के बाहर खड़ी कई एम्बुलेंस को आग के हवाले कर दिया गया। इस हमले के बाद रात के अंधेरे में आग की ऊंची लपटें और काला धुआं फैल गया। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस इसे नफरती अपराध मानकर जांच कर रही है।
लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मोर्चा संभाला। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले को विशेष रूप से ‘यहूदी-विरोधी घृणा अपराध’ के नजरिए से देखा जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के घरों में रहने वाले कुछ निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। पुलिस मौके पर सबूत जुटा रही है।
स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि देर रात अचानक हुए धमाकों की आवाज से उनकी नींद खुल गई। चार्ली रिचर्ड्स नामक निवासी ने बताया कि उन्होंने कई विस्फोट सुने। उनके द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में नारंगी रंग का एक बड़ा विस्फोट और आसमान में उठता घना धुआं साफ दिख रहा है। यह मंजर किसी बड़े हमले जैसा लग रहा था।
सीसीटीवी में नकाबपोशों की खौफनाक करतूत
घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों ने हमलावरों की करतूत को कैद कर लिया है। फुटेज में तीन नकाबपोश व्यक्ति एक एम्बुलेंस के पास जाते और उसमें आग लगाते नजर आए। वीडियो में समय तड़के करीब 1:36 बजे का दिखाई दे रहा है। यह हमला ‘मखजीकी हदाथ’ (Machzikei Hadath) के पास हुआ, जो एक प्रमुख यहूदी आराधनालय है।
पुलिस ने बताया कि फुटेज में दिख रहे तीनों संदिग्धों की तलाश तेजी से की जा रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां हमलावरों के रूट और उनके मकसद का पता लगाने के लिए डिजिटल सबूतों को खंगाल रही हैं। पूरे गोल्डर्स ग्रीन इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है।
यहूदी समुदाय के लोग इस अचानक हुए हमले से गहरे सदमे और डर में हैं। स्थानीय संगठनों ने सरकार और पुलिस से हमलावरों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।


