Bangladesh News: बांग्लादेश में खसरे के प्रकोप ने भयानक रूप ले लिया है। मार्च से अब तक इस बीमारी के कारण 450 से ज्यादा मासूम बच्चों की जान जा चुकी है। इस त्रासदी के बीच पूर्व अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके देश छोड़ने पर रोक लगाने के लिए अदालत से गुहार लगाई गई है।
मुहम्मद यूनुस के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट के वकील एम अशरफुल इस्लाम ने बांग्लादेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका पर बहुत जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि खसरे की वैक्सीन की भारी कमी के मुद्दे पर मुहम्मद यूनुस और 24 अन्य लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए।
वैक्सीन की भारी कमी को लेकर उठाए गए गंभीर सवाल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खसरा एक ऐसी बीमारी है जिसे वैक्सीन की दो खुराकों से आसानी से रोका जा सकता है। यह खुराक बच्चों को नौ महीने की उम्र से दी जाती है। आरोप है कि साल 2024 और 2025 के दौरान बांग्लादेश में इस जीवनरक्षक वैक्सीन की बाजार में भारी किल्लत देखी गई थी।
लापरवाही के लिए अंतरिम सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन जिम्मेदार
बांग्लादेश चाइल्ड प्रोटेक्शन इनिशिएटिव के बैनर तले डॉक्टरों ने इसके लिए सीधे तौर पर अंतरिम सरकार को घेरा है। उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य प्रशासन को भी इस जानलेवा बीमारी के फैलने का मुख्य जिम्मेदार माना है। विशेषज्ञों ने यूनुस और पूर्व स्वास्थ्य सलाहकार नूरजहां बेगम पर सख्त कानूनी मुकदमा चलाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई है।
अदालत से यह विशेष आदेश देने का अनुरोध किया गया है कि जांच पूरी होने तक कोई भी आरोपी देश से बाहर न जा सके। इस याचिका के बाद पूरे देश का राजनीतिक और स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से गरमा गया है। अब सबकी निगाहें हाई कोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।
Author: Pallavi Sharma

