Himachal Pradesh News: देवभूमि हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा महाअभियान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस जानलेवा नशे को जड़ से मिटाने के लिए खुद कमान संभाल ली है। सरकार अब भाषणों से आगे बढ़कर सीधे जमीन पर सख्त कानूनी एक्शन ले रही है।
नशे के सौदागरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। नूरपुर में राजस्व विभाग की निशानदेही पर नशा तस्कर बंटी के अवैध मकान को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया। आरोपी ने ड्रग्स की कमाई से सरकारी जमीन पर यह पक्का ढांचा खड़ा किया था।
नशा तस्करों की संपत्तियों पर चला सरकारी बुलडोज़र और कुर्की की कार्रवाई
प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि काली कमाई से बनी अवैध संपत्तियां अब किसी भी हाल में नहीं बचेंगी। जिला कांगड़ा पुलिस ने भी बैजनाथ में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक महिला नशा तस्कर और उसके दो बेटों की 96 लाख रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज कर दिया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने चेतावनी दी है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को सीधे जेल जाना होगा। सरकार की इस मुस्तैदी का असर अब साफ दिख रहा है। नशा माफिया की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस और विशेष जांच दल लगातार उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं।
नशा तस्करी में शामिल दागी सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गाज, कई बर्खास्त
हिमाचल सरकार ने अपने तंत्र को साफ करने के लिए काली भेड़ पर भी बड़ा एक्शन लिया है। नशा गतिविधियों में शामिल पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों पर अब तक कड़ी कार्रवाई हो चुकी है। इनमें से 21 पुलिस कर्मियों और 10 अन्य विभागीय कर्मचारियों को नौकरी से सीधे बर्खास्त किया जा चुका है।
दागी पाए गए इन कर्मियों में बिजली बोर्ड, जल शक्ति, एचआरटीसी और पशुपालन जैसे प्रमुख विभागों के लोग शामिल हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि अपराध में शामिल कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। सरकारी संरक्षण की उम्मीद पाले बैठे माफिया को अब कड़ा सबक सिखाया जा रहा है।
एनडीपीएस मामलों में हिमाचल पूरे देश में शीर्ष स्थान पर पहुंचा
साल 2023 से अब तक प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 6,811 मामले दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा पिछली सरकार की तुलना में 33.18 प्रतिशत अधिक है। पुलिस ने इस दौरान 10,357 आरोपियों को गिरफ्तार कर रिकॉर्ड 45,867 किलोग्राम मादक पदार्थ सफलतापूर्वक जब्त किए हैं।
मौजूदा समय में नशा तस्करों पर कड़ा एक्शन लेने के मामले में हिमाचल प्रदेश देश में पहले पायदान पर है। वर्ष 2026 में देश भर में हुई कुल निवारक कार्रवाइयों में से लगभग 33 प्रतिशत अकेले हिमाचल पुलिस ने की हैं। पिछले साढ़े तीन साल में 51 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई है।
स्कूलों और कॉलेजों में 1 जून से शुरू होगा विशेष जनआंदोलन अभियान
नशा व्यापार को पूरी तरह खत्म करने के लिए एसटीएफ ने 300 गंभीर मामलों को वित्तीय जांच के लिए चुना है। प्रशासन अब तक 76 अवैध संपत्तियों की पहचान कर 17 बड़े ढांचों को गिरा चुका है। हालांकि मुख्यमंत्री का मानना है कि यह बड़ी लड़ाई अकेले सरकार नहीं जीत सकती।
इस जंग को जनआंदोलन बनाने के लिए सरकार 1 जून से 20 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान चलाएगी। सभी सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में “एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान” का दूसरा चरण शुरू होगा। इसके जरिए युवा पीढ़ी को जागरूक कर देवभूमि को इस सामाजिक अंधकार से बाहर निकाला जाएगा।
Author: Sunita Gupta


