Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला में मनीषा मित्तल मर्डर केस की पुलिस इन्वेस्टिगेशन पूरी हो गई है। संजौली के सरस्वती पैराडाइज स्कूल की डायरेक्टर मनीषा की 13 जून को हत्या हुई थी। पुलिस ने उनके सगे भाई हेमांक को मुख्य मास्टरमाइंड माना है। उसे हरियाणा के रोहतक से शिमला लाया गया है।
प्रॉपर्टी के लिए बिजनेस पार्टनर के साथ रची मर्डर साजिश
पुलिस इन्वेस्टिगेशन में साफ हो गया है कि यह मर्डर प्रॉपर्टी विवाद के कारण हुआ था। मास्टरमाइंड हेमांक ने बिजनेस पार्टनर गोविंद के साथ यह क्रिमिनल प्लानिंग की थी। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। केस के सभी अहम एविडेंस रिकवर हो चुके हैं।
शिमला पुलिस ने मर्डर केस सॉल्व करने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी बनाई थी। पुलिस ने शुरुआती समय में ही फायरिंग करने वाले दोनों शूटर्स को अरेस्ट कर लिया था। पुलिस की टेक्निकल और साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन से मर्डर के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने में भारी मदद मिली।
वर्चुअल हियरिंग के बाद आरोपी को भेजा गया ज्यूडिशियल कस्टडी
आरोपी हेमांक की मेडिकल कंडीशन ठीक नहीं थी। इसलिए पुलिस ने शुरुआत में उसे कोर्ट में वर्चुअल तरीके से पेश किया था। इसके बाद उसे सीधे शिमला लाकर ज्यूडिशियल कस्टडी में डाल दिया गया। पुलिस ऑफिसर्स ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर अहम सुराग मिले।
पुलिस टीम ने आरोपियों के मोबाइल फोन का टेक्निकल एनालिसिस करके केस की हर कड़ी को जोड़ा है। अब पुलिस बहुत जल्द कोर्ट में चार्जशीट फाइल करने वाली है। 13 जून को संजौली में स्कूल गेट के बाहर दो मास्क पहने शूटर्स ने मनीषा पर तीन राउंड फायरिंग की थी।
इस अटैक में 41 साल की मनीषा मित्तल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वह हरियाणा के रेवाड़ी स्थित गोल्टन हाइट्स विला सोसाइटी की रहने वाली थीं। उनके पति डॉ. सुभाष यादव हैं। इस खौफनाक मर्डर केस ने शिमला शहर में काफी ज्यादा डर का माहौल बना दिया था।

