Himachal Bureaucracy Dispute: पूर्व मुख्य सचिव की शिकायत पर पूर्व उप महाधिवक्ता फंसे, शिमला में मानहानि का केस दर्ज होने से हड़कंप

Himachal Pradesh News: शिमला पुलिस ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के पूर्व उप महाधिवक्ता विनय शर्मा के खिलाफ मानहानि का एक बड़ा आपराधिक मामला दर्ज किया है। राज्य के पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने यह कड़ी कार्रवाई की है।

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पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने तीस मई को पुलिस विभाग में एक लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विनय शर्मा ने उन पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और बेनामी संपत्ति रखने के पूरी तरह से मनगढ़ंत, झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए थे।

गुप्ता ने इन सभी तीखे आरोपों को दुर्भावनापूर्ण बताया था। उन्होंने कहा कि शर्मा ने उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी चोट पहुंचाने के इरादे से यह कृत्य किया। पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुई एफआईआर

छोटा शिमला पुलिस स्टेशन ने आरोपी विनय शर्मा के खिलाफ बीएनएस की धारा दो सौ अड़तालीस, तीन सौ इक्यावन और तीन सौ छप्पन के तहत केस दर्ज किया है। इसमें आपराधिक धमकी और आपराधिक मानहानि की धाराएं शामिल हैं, जिससे शर्मा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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संजय गुप्ता इकतीस मई को मुख्य सचिव पद से रिटायर हुए थे। इसके बाद उन्होंने तीन जून दो हजार छब्बीस को पंजाब राज्य विद्युत नियामक आयोग के नए अध्यक्ष का कार्यभार संभाला है। गुप्ता के अनुसार शर्मा की शिकायत में कोई कानूनी सबूत नहीं था।

भूमि खरीद मामले में लगाए गए थे मनगढ़ंत आरोप

पूर्व उप महाधिवक्ता विनय शर्मा ने सोलन जिले की चेस्टर हिल प्रोजेक्ट में भारी गड़बड़ी का दावा किया था। उन्होंने इस भूमि सौदे में प्रशासनिक हस्तक्षेप और पद के गलत इस्तेमाल के गंभीर सवाल उठाए थे। हालांकि गुप्ता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

गुप्ता ने कहा कि जमीन की पूरी खरीद पूरी तरह कानूनी प्रक्रियाओं के तहत हुई थी। पुलिस मुख्यालय स्तर पर हुई शुरुआती जांच में भी यह पाया गया है कि ये आरोप सिर्फ व्यक्तिगत धारणाओं और संदेहों पर आधारित थे, जिनका कोई ठोस आधार नहीं है।

विनय शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई को बताया अनुचित

इस बड़ी कानूनी कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विनय शर्मा ने इसे ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ का उदाहरण बताया। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े करते हुए इस मामले को पूरी तरह से अनुचित और एकतरफा करार दिया है।

शर्मा ने कहा कि तीन महीने पहले उनके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर पुलिस ने आज तक कोई एक्शन नहीं लिया। दूसरी तरफ, जो मामला अभी माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, उसमें पुलिस ने तुरंत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।

Author: Sunita Gupta

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