LPG संकट: इंडियन ऑयल ने 8 साल बाद ईरान से खरीदी गैस, 43,000 टन से आधे दिन की जरूरत पूरी

LPG Crisis News: देश में कुकिंग गैस (एलपीजी) का संकट अब साफ तौर पर नजर आने लगा है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने करीब 8 साल बाद ईरान से एलपीजी खरीदी है। जून 2018 के बाद यह पहली बार है जब भारत ने ईरान से गैस आयात किया है। खरीदी गई खेप में लगभग 43,000 टन ब्यूटेन और प्रोपेन शामिल हैं। यह मात्रा देश की सिर्फ आधे दिन की जरूरत पूरी कर पाएगी।

तीनों बड़ी कंपनियों की संयुक्त कोशिश

इस आपूर्तिमें भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) भी शामिल हैं। देश की प्रमुख तेल कंपनियां मिलकर इस संकट से निपटने की कोशिश कर रही हैं। शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार ‘सी बर्ड’ नाम का एलपीजी कैरियर मैंगलोर पोर्ट की ओर बढ़ रहा है। बीपीसीएल द्वारा दो और एलपीजी खेपों को सुरक्षित लाने के लिए बातचीत अंतिम चरण में है।

मिडिल ईस्ट तनाव से बिगड़ी सप्लाई चेन

पश्चिम एशियामें जारी तनाव ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर डाला है। भारत अपनी करीब दो-तिहाई एलपीजी जरूरत आयात करता है, जिसमें से लगभग 90 फीसदी सप्लाई वेस्ट एशिया से आती है। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए आने वाली सप्लाई बाधित हुई है, जिससे देश में गैस की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ा है।

आम लोगों पर असर, हालात बिगड़े

एलपीजीकी कमी अब आम लोगों तक पहुंच चुकी है। कई जगह लोग लकड़ी और पारंपरिक ईंधन का सहारा ले रहे हैं। गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। कुछ क्षेत्रों में झगड़े की घटनाएं भी सामने आई हैं। स्थिति को देखते हुए सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट जैसे कमर्शियल यूजर्स के लिए गैस सप्लाई में कटौती कर दी है।

ईरान डील और अमेरिका की छूट

हाल हीमें अमेरिका ने ईरान से तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने पर सीमित छूट दी है। इसी के बाद भारत ने यह कदम उठाया है। फिलहाल ईरान से एलपीजी खरीदना एक राहत है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। अगर पश्चिम एशिया में हालात जल्द नहीं सुधरे, तो भारत के सामने ऊर्जा सुरक्षा का संकट और गहरा सकता है। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Hot this week

Related Articles

Popular Categories