Delhi News: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो इन दिनों भारत के बेहद महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के तुरंत बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को लेकर कई ऐसी बड़ी बातें कहीं, जिसने दुनिया भर का ध्यान खींच लिया है।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका हुई बेहद अहम
मार्को रूबियो ने द्विपक्षीय संबंधों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्ते हमारी सोच का मुख्य आधार हैं। यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। अमेरिकी प्रशासन इस पूरे वैश्विक क्षेत्र में भारत को एक बहुत ही मजबूत हिस्सेदार के रूप में देखता है।
विदेश मंत्री के तौर पर पहली रणनीतिक बैठक का राज
अमेरिकी विदेश मंत्री ने बैठक के बाद एक बेहद दिलचस्प और बड़ा खुलासा किया। रूबियो ने बताया कि कार्यभार संभालने के बाद उनकी पहली आधिकारिक बैठक ‘क्वाड’ संगठन के साथ हुई थी। अमेरिकी सरकार सुरक्षा के इस विशेष ढांचे के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वाशिंगटन वैश्विक मंच पर नई दिल्ली के प्रभाव को बहुत गंभीरता से स्वीकार करता है।
सुरक्षा के प्रति अमेरिका का भारत को बड़ा संकेत
मार्को रूबियो ने साफ किया कि वह इस खास बैठक को भारत की धरती पर ही आयोजित करना चाहते थे। यह फैसला कोई इत्तेफाक नहीं था। यह कदम दुनिया को एक ठोस और सीधा संकेत देने के लिए उठाया गया था। यह दर्शाता है कि अमेरिका की वैश्विक रणनीतियों में भारत की स्थिति अब कितनी ज्यादा महत्वपूर्ण हो चुकी है।
Author: Pallavi Sharma

