Delhi News: भारत और कनाडा के व्यापारिक रिश्तों में जल्द ही बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 25 मई से कनाडा की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहे हैं। वह 150 से अधिक दिग्गज कारोबारियों के बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को गति देगा।
भारत और कनाडा के बीच बढ़ेगा व्यापारिक सहयोग
पीयूष गोयल कनाडा के ओटावा और टोरंटो शहरों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह स्थानीय नेताओं और बड़े उद्योगपतियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। गोयल वहां के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और वाणिज्य मंत्री मनिंदर सिद्धू से खास मुलाकात करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक सहयोग को मजबूत करना है।
कनाडा के दिग्गज मेपल 8 पेंशन फंड से मुलाकात
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अपनी इस यात्रा के दौरान विशेष रूप से ‘मेपल 8’ पेंशन कोषों के प्रमुख प्रतिनिधियों से मिलेंगे। यह कनाडाई समूह लगभग 2.4 लाख करोड़ कनाडाई डॉलर की विशाल परिसंपत्तियों का प्रबंधन करता है। भारत इस बड़े मंच के जरिए देश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी विदेशी निवेश आकर्षित करने की पूरी तैयारी कर चुका है।
पांच वर्षों में 50 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
वर्तमान में भारत और कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते पर तेजी से काम कर रहे हैं। अब तक इस अहम वार्ता के दो दौर पूरे हो चुके हैं। भारत का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों का आपसी व्यापार केवल 8.66 अरब डॉलर रहा था।
भारतीय कुशल कार्यबल और कनाडाई कंपनियों का तालमेल
कनाडा तेल, गैस, खनन और दुर्लभ खनिजों के मामले में बेहद समृद्ध है। दूसरी ओर भारत के पास बेहतरीन कुशल कार्यबल और मजबूत बाजार मौजूद है। मौजूदा समय में लगभग 600 कनाडाई कंपनियां भारत में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। केंद्र सरकार अब भारतीय बाजार में इन कंपनियों की संख्या बढ़ाकर 1,000 करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
Author: Pallavi Sharma

