Chennai News: तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त एक बेहद संवेदनशील और बड़ी खबर सामने आ रही है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक वी. प्रभाकरन की पुण्यतिथि पर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अभिनेता से राजनेता बने विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर श्रीलंका के मुल्लीवाइक्कल नरसंहार का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि वे मुल्लीवाइक्कल की दर्दनाक यादों को हमेशा अपने दिलों में संजोकर रखेंगे और समुद्र पार रहने वाले अपने तमिल भाई-बहनों के अधिकारों के लिए एकजुट रहेंगे।
राजीव गांधी की हत्या से जुड़ा है एलटीटीई का इतिहास
साल 1991 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एक आत्मघाती हमले में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड में मुख्य भूमिका होने के कारण भारत सरकार ने एलटीटीई संगठन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। इस पूरे मामले में प्रभाकरण को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
तमिल समुदाय के लिए बेहद भावुक है यह दिन
दुनिया भर में फैले श्रीलंकाई तमिल और भारत में रहने वाले तमिलों का एक बड़ा वर्ग हर साल 18 मई को ‘मुल्लीवाइक्कल स्मरण दिवस’ के रूप में मनाता है। इसे ‘तमिल नरसंहार स्मरण दिवस’ भी कहा जाता है। यह दिन 2009 में श्रीलंकाई गृहयुद्ध के बेहद दुखद और हिंसक अंत का प्रतीक है।
श्रीलंका के मुल्लीवाइक्कल तटीय गांव में हुए अंतिम सैन्य हमले के दौरान हजारों की संख्या में निर्दोष तमिल नागरिक मारे गए थे। श्रीलंका में तमिलों के लिए एक अलग मातृभूमि की मांग के साथ शुरू हुआ यह संघर्ष बाद में एक भीषण सशस्त्र युद्ध में बदल गया था, जो लगभग 30 वर्षों तक चला।
Author: Karthik Srinivasan

