महज सात दिनों में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी को पछाड़ने वाली इस डिजिटल सेना का क्या है असली सच?

Delhi News: भारत के डिजिटल राजनीतिक स्पेस में इस समय ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नामक एक व्यंग्यात्मक संगठन भारी तहलका मचा रहा है। इस अनोखी डिजिटल पार्टी ने महज एक हफ्ते के भीतर इंस्टाग्राम पर दो करोड़ से अधिक फॉलोअर्स जुटा लिए हैं। इसके साथ ही इस पेज ने फॉलोअर्स की संख्या में भाजपा को भी पीछे छोड़ दिया है।

बीजेपी नेताओं ने विदेशी बोट्स और पाकिस्तानी कनेक्शन का लगाया आरोप

इस व्यंग्यात्मक पेज की आश्चर्यजनक सफलता के बाद देश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने इसे “पाकिस्तान जनता पार्टी” करार दिया। उन्होंने दावा किया कि सीजेपी के कुल फॉलोअर्स में से 49 प्रतिशत लोग पाकिस्तान के रहने वाले हैं।

भाजपा नेता प्रीति गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस संगठन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सीमा पार बैठे प्रशंसकों के दम पर चलने वाले इस ड्रामे को तुरंत बंद होना चाहिए। कई आलोचकों का मानना है कि इतने कम समय में बढ़े करोड़ों फॉलोअर्स पूरी तरह फर्जी और खरीदे गए विदेशी बोट्स हैं।

फाउंडर अभिजीत दिपके ने असली इनसाइट डेटा दिखाकर किया पलटवार

इन गंभीर आरोपों पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इंस्टाग्राम का ऑफिशियल इनसाइट एनालिटिक्स शेयर करते हुए बग्गा के दावों को सिरे से खारिज किया। दिपके के अनुसार उनके कुल फॉलोअर्स में से 94 प्रतिशत लोग भारतीय युवा हैं और विरोधी दल केवल झूठा डेटा फैला रहा है।

खुफिया इनपुट के बाद केंद्र सरकार ने ब्लॉक किया एक्स अकाउंट

यह सोशल मीडिया विवाद तब और गंभीर हो गया जब 21 मई को इस पार्टी का आधिकारिक एक्स हैंडल भारत में अचानक बंद कर दिया गया। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की गोपनीय रिपोर्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर यह सख्त कार्रवाई की गई है।

इस कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद संस्थापक अभिजीत ने ‘Cockroach Is Back’ नाम से एक नया सोशल मीडिया हैंडल बना लिया। देखते ही देखते इस नए पेज से भी डेढ़ लाख से ज्यादा लोग जुड़ गए। इस अकाउंट को महुआ मोइत्रा, सागरिका घोष और प्रशांत भूषण जैसी कई नामी हस्तियां भी फॉलो कर रही हैं।

आईएसआई एजेंट होने के पुराने दावों में नहीं मिला कोई दम

सीजेपी के खिलाफ चल रही इस डिजिटल जंग में तजिंदर बग्गा ने अभिजीत दिपके के खिलाफ साल 2019 में दर्ज हुई एक पुलिस शिकायत की कॉपी साझा की। लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी ने तब आरोप लगाया था कि दिपके कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में अलगाववादी भाषा को बढ़ावा दे रहे थे।

शिकायत में दिपके पर सख्त आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए (UAPA) लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, पुणे पुलिस या देश की किसी भी आधिकारिक जांच एजेंसी ने दिपके को कभी दोषी नहीं पाया। किसी भी केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें ‘आईएसआई एसेट’ घोषित नहीं किया है, जिससे ये आरोप कानूनी तौर पर पूरी तरह निराधार साबित होते हैं।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की एक टिप्पणी से हुआ अनोखा उदय

इस अनूठी पार्टी की शुरुआत देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के एक कथित अदालती बयान से जुड़ी है। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने फर्जी डिग्री वाले कुछ वकीलों के रवैये की तुलना कॉकरोच से की थी। हालांकि अगले दिन उन्होंने साफ किया कि मीडिया ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया।

सीजेआई की आधिकारिक सफाई आने से पहले ही इंटरनेट की मीम आर्मी ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लपक लिया। पुणे के रहने वाले और बोस्टन यूनिवर्सिटी से जनसंपर्क की पढ़ाई कर रहे 30 वर्षीय अभिजीत दिपके ने 16 मई को इस व्यंग्यात्मक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की आधिकारिक नींव रख दी थी।

दिपके इससे पहले साल 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने दिल्ली चुनावों में मीम-बेस्ड कैंपेनिंग का सफल प्रबंधन किया था। अपनी इसी कला का इस्तेमाल उन्होंने युवाओं को जोड़ने और बेरोजगारी, पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए किया है।

Author: Harikarishan Sharma

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