Tamil Nadu News: तमिलनाडु के होसुर में स्थित टाटा की बड़ी फैक्ट्री पर ताला लगने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह प्लांट एप्पल आईफोन के लिए पार्ट्स बनाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी पर भूजल दूषित करने का बड़ा आरोप लगाया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर फैक्ट्री को तुरंत बंद किया जा सकता है।
भारत की दिग्गज कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का यह प्लांट एप्पल के लिए बेहद खास है। चीन के बाहर आईफोन का उत्पादन बढ़ाने में टाटा अहम भूमिका निभा रही है। ताइवान की फॉक्सकॉन के बाद यह दक्षिण एशिया में एप्पल की दूसरी सबसे बड़ी सप्लायर बन चुकी है। ऐसे में बंदी का असर बहुत व्यापक हो सकता है।
किसानों ने की थी पानी दूषित होने की शिकायत
यह विवाद स्थानीय किसानों की लगातार आ रही शिकायतों के बाद शुरू हुआ। फैक्ट्री के पास खेती करने वाले लोगों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संपर्क किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा फैक्ट्री से निकलने वाला गंदा पानी उनकी उपजाऊ जमीन और खुले कुओं को पूरी तरह खराब कर रहा है। इससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं।
किसानों की इन गंभीर शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर दो हजार पच्चीस और मई दो हजार छब्बीस के बीच फैक्ट्री की पांच बार सघन जांच की गई। पच्चीस मई को बोर्ड ने कंपनी को एक कड़ा रेगुलेटरी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में सभी कमियों को स्पष्ट रूप से बताया गया है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग तालाब बना प्रदूषण का कारण
प्रदूषण बोर्ड ने अपनी जांच में एक बड़ी लापरवाही पकड़ी है। टाटा ने अपनी फैक्ट्री के भीतर बने रेन वाटर हार्वेस्टिंग तालाब में ही सारा गंदा पानी छोड़ दिया था। क्षमता से अधिक पानी भरने से यह तालाब ओवरफ्लो हो गया। इसी वजह से आसपास के पूरे इलाके और खुले कुओं का साफ भूजल बुरी तरह दूषित हो गया।
बोर्ड द्वारा भेजे गए तीन पेज के इस अंतिम नोटिस में कड़ी चेतावनी दी गई है। बोर्ड ने तेईस दिसंबर को भी एक पत्र भेजकर सुधार के सख्त निर्देश दिए थे। आरोप है कि टाटा ने उन निर्देशों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब उचित जवाब नहीं मिलने पर इस अहम प्लांट पर पक्का ताला लग सकता है।
Author: Karthik Srinivasan


