World News: अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में आयोजित हो रहे फुटबॉल के महाकुंभ का रोमांच सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस मेगा इवेंट में जहां एक तरफ नई जनरेशन के युवा स्टार्स अपना दमखम दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई वेटरन फुटबॉलर्स भी मैदान पर अपना जलवा बिखेर रहे हैं। इन दिग्गजों ने अपनी बेहतरीन फिटनेस से यह साबित कर दिया है कि उनके लिए उम्र महज एक नंबर है।
स्कॉटलैंड के गोलकीपर क्रेग गॉर्डन ने रचा नया इतिहास
इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों की लिस्ट में स्कॉटलैंड के गोलकीपर क्रेग गॉर्डन टॉप पर बने हुए हैं। करीब 43 साल की उम्र में भी गॉर्डन का जज्बा और पैशन बिल्कुल कम नहीं हुआ है। कई गंभीर इंजरी से जूझने के बाद भी उन्होंने मैदान पर वापसी की है। वह इस वर्ल्ड कप स्टेज पर सबसे सीनियर प्लेयर के रूप में एक नया रिकॉर्ड सेट करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी 41 साल की उम्र में कमाल कर रहे हैं। इस पुर्तगाली फॉरवर्ड की गोल स्कोरिंग एबिलिटी आज भी पहले जैसी ही घातक नजर आ रही है। फैंस का मानना है कि यह रोनाल्डो का छठा और आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है। वह अपने करियर में 1000 गोल के जादुई आंकड़े को छूने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
रिकॉर्ड छठे वर्ल्ड कप में खेलेंगे लियोनेल मेसी
फुटबॉल की दुनिया के ‘गॉड’ माने जाने वाले लियोनेल मेसी लगभग 39 साल की उम्र में अपने करियर के अंतिम फेज में हैं। मेसी अर्जेंटीना की तरफ से रिकॉर्ड छठे विश्व कप में भाग लेकर इतिहास बना रहे हैं। उनके नाम सबसे ज्यादा वर्ल्ड कप मैच खेलने का अद्भुत रिकॉर्ड दर्ज है। मेसी ने अब तक खेले 26 मैचों में रिकॉर्ड 13 गोल दागे हैं, जो एक बड़ा कीर्तिमान है।
इस मेगा टूर्नामेंट में मेसी का एकमात्र अल्टीमेट गोल अर्जेंटीना के वर्ल्ड चैंपियन खिताब को हर हाल में बरकरार रखना है। सीनियर खिलाड़ियों की इस स्पेशल लिस्ट में गोलकीपरों का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। मैक्सिको के गिलर्मो ओचोआ और जर्मनी की दीवार कहे जाने वाले मैनुएल नोयर भी 40 की उम्र में अपनी टीमों की सबसे बड़ी ताकत बने हुए हैं।
क्रोएशिया के मिडफील्ड मास्टर लुका मोड्रिच और बोस्निया के स्ट्राइकर एडिन जेको भी इस उम्र में टीम को लीड कर रहे हैं। जापान के यूटो नागातोमो और उरुग्वे के फर्नांडो मुस्लेरा जैसे लीजेंड्स भी मैदान पर एक्टिव हैं। इन सभी सीनियर प्लेयर्स का एक्सपीरियंस और हाई कमिटमेंट उनकी नेशनल टीमों के लिए इस बड़े टूर्नामेंट में सबसे बड़ा गेम चेंजर साबित होने वाला है।
Author: Prem Sharma


