Washington News: ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध छिड़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। इस जवाबी कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया है।
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोशल मीडिया पर जारी एक आधिकारिक बयान में इन हमलों की पुष्टि की है। सेना का कहना है कि यह बड़ी कार्रवाई “ईरान की अनुचित और हिंसक आक्रामकता के खिलाफ एक उचित जवाब” है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पूरी सैन्य कार्रवाई को बेहद मजबूत और अत्यंत शक्तिशाली बताया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुआ था हमला
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे अमेरिकी सेना का एक अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर समुद्र में गिर गया था। घटना के तुरंत बाद अमेरिकी नौसेना ने पायलटों को बचाने के लिए अत्याधुनिक मानवरहित ड्रोन नावें मौके पर भेजीं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों अमेरिकी पायलट करीब दो घंटे तक उफनते समुद्र में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते रहे। राहत दल ने समय रहते दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। अमेरिकी सेना इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी चेतावनी
मंगलवार देर रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट लिखकर पूरी दुनिया को इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि अमेरिकी सेना के खुफिया इनपुट से यह साबित हो चुका है कि इस अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरान ने ही जानबूझकर मार गिराया है।
ट्रंप ने देश को आश्वस्त करते हुए साफ कहा कि अमेरिकी सेना के गौरव पर हुए इस कायरतापूर्ण हमले का बेहद करारा और ऐतिहासिक जवाब दिया जाएगा। ट्रंप की इस कड़ी चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के युद्धपोतों ने ईरानी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
दो हफ्तों में ‘पूर्ण जीत’ का दावा
एक चुनावी टेली-रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने एक और बड़ा दावा कर सबको चौंका दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले दो सप्ताह के भीतर ईरान के साथ चल रहे इस भीषण सैन्य टकराव में “पूर्ण जीत” हासिल कर लेगा। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को घुटने टेकने पर मजबूर करने की बात कही।
इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि युद्ध के बीच तेहरान के साथ एक नया और कड़ा परमाणु समझौता होने की संभावनाएं भी काफी मजबूत हैं। उन्होंने दावा किया कि पर्दे के पीछे बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है और ईरानी अब अमेरिकी शर्तों पर परमाणु हथियार न बनाने के लिए भी तैयार हैं।
Author: Pallavi Sharma


