Himachal Pradesh News: भारतीय डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के लिए एक ऐतिहासिक और आधुनिक पहल की है। अब प्रदेश के सुदूर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों तक डाक और जरूरी पार्सल ड्रोन तकनीक के जरिए बहुत ही तेजी से पहुंचाए जाएंगे।
मंडी जिले में पहली बार ड्रोन के माध्यम से डाक पहुंचाने का सफल परीक्षण किया गया है। इस आधुनिक तकनीक की मदद से दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर घंटों का काम अब चंद मिनटों में पूरा हो रहा है। मंडी-रेहरधार मार्ग पर शुरू हुई इस सेवा से स्थानीय ग्रामीण इलाकों में खुशी का माहौल है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि भारतीय डाक विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश के मंडी-रेहरधार मार्ग पर ड्रोन आधारित डाक और पार्सल वितरण सेवा को आधिकारिक तौर पर शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले जिन पहाड़ी और पथरीले रास्तों से होकर गुजरने में डाक कर्मचारियों को घंटों का समय लगता था, अब वही दूरी रियल-टाइम ट्रैकिंग के साथ मात्र 7 मिनट में पूरी हो जाएगी। यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल तकनीक है, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
ग्रामीण डाक सेवकों और सहायकों के फीडबैक पर तैयार हुआ सिस्टम
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस विशेष सेवा को ग्रामीण डाक सेवकों और डाक सहायकों से मिली प्रतिक्रिया और फीडबैक के आधार पर ही तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल दृष्टिकोण से प्रेरित होकर डाक सेवाओं को मजबूत करने के लिए इस आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
इस नई व्यवस्था से देश के सबसे सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों को भी तेजी से बदलते राष्ट्र के अवसरों और मुख्यधारा की सेवाओं से आसानी से जोड़ा जा सकेगा। भारतीय डाक विभाग और निजी कंपनी ‘स्काई एयर’ के संयुक्त प्रयास से इस बेहद महत्वपूर्ण और बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है।
सफल ट्रायल में ड्रोन ने 12 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 6 मिनट में की तय
शुक्रवार 12 जून को किए गए सफल परीक्षण में ड्रोन ने मंडी प्रधान डाकघर से उड़ान भरी और द्रंग क्षेत्र के रेहड़धार शाखा डाकघर तक सुरक्षित डाक पहुंचाई। वहां पार्सल ड्रॉप करने के बाद ड्रोन रेहरधार से दिनभर की वापसी वाली डाक और जरूरी दस्तावेज लेकर वापस मंडी लौट आया।
मंडी डाक विभाग के डिप्टी सुपरिटेंडेंट संजय कुमार के अनुसार ड्रोन ने करीब 12 किलोमीटर के बेहद दुर्गम रास्ते को महज 6 मिनट में पूरा कर लिया। सामान्य परिस्थितियों में सड़क मार्ग से इस क्षेत्र तक डाक पहुंचाने में कई घंटे लग जाते हैं। यह तकनीक डाक प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी।
10 किलोग्राम तक वजन उठाने और 50 किलोमीटर तक उड़ने में सक्षम
इस डाक परिवहन सेवा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा अत्याधुनिक ड्रोन 10 किलोग्राम तक का भारी पार्सल उठाने में पूरी तरह सक्षम है। यह ड्रोन एक बार चार्ज होने पर 30 से 50 किलोमीटर तक की दूरी बिना किसी रुकावट के बहुत ही आसानी से तय कर सकता है।
वर्तमान में देशभर में करीब 150 स्थानों पर स्काई एयर कंपनी के सहयोग से इस ड्रोन डाक सेवा का सफल संचालन किया जा रहा है। मंडी जिले में फिलहाल 10 महत्वपूर्ण स्थानों को इस पूरी परियोजना से जोड़ा गया है, जहां कंपनी 8 ड्रोन के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रही है।
Author: Sunita Gupta


