US Visa New Rules: टूरिज्म या बिजनेस वीजा पर अमेरिका जाने की योजना बना रहे वैश्विक यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब आवेदक लंबी लाइनों और हफ्तों के इंतजार को छोड़कर अपना इंटरव्यू प्रोसेस बेहद तेजी से पूरा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक निश्चित अतिरिक्त फीस का भुगतान करना होगा।
एक जुलाई से शुरू होगा फास्ट-ट्रैक पायलट प्रोग्राम
आगामी एक जुलाई से, बी1 (बिजनेस) और बी2 (टूरिस्ट) नॉन-इमिग्रेंट वीजा के लिए आवेदन करने वाले यात्री कुछ चुनिंदा अमेरिकी दूतावासों में इस खास सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। आवेदक मात्र दस कार्यदिवसों के भीतर इंटरव्यू का समय पाने के लिए 750 डॉलर की प्रीमियम फीस का भुगतान कर सकते हैं।
यह एक अस्थायी पायलट प्रोग्राम है जो इस साल 31 दिसंबर तक सक्रिय रहेगा। इस बेहतरीन सर्विस का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आवेदकों को अगली उपलब्ध सामान्य अपॉइंटमेंट का लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान समय में कई देशों में सामान्य अपॉइंटमेंट मिलने में एक साल से भी ज़्यादा का समय लग जाता है।
फीफा वर्ल्ड कप और ओलंपिक के चलते लिया गया फैसला
इस हफ्ते फेडरल रजिस्टर में इस फास्ट-ट्रैक प्रोग्राम के बारे में एक आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने इस नोटिस में वर्ष 2026 में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) के कारण वीजा की मांग में हुई भारी वैश्विक बढ़ोतरी का विशेष रूप से जिक्र किया है।
इसके साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग का मानना है कि लॉस एंजिल्स में आयोजित होने वाले 2028 ओलंपिक खेलों से ठीक पहले इस प्रीमियम सर्विस को आजमाने का यह बिल्कुल सही और सटीक समय है। इस सर्विस के आने से अंतरराष्ट्रीय खेल प्रेमियों और व्यापारिक यात्रियों को अमेरिका यात्रा की योजना बनाने में बेहद आसानी होगी।
वीजा गारंटी नहीं और अतिरिक्त शुल्क भी रहेगा लागू
तेजी से वीजा इंटरव्यू का यह प्रीमियम विकल्प चुनने वाले आवेदकों को 750 डॉलर के अलावा 185 डॉलर की सामान्य वीजा प्रोसेसिंग फीस भी अनिवार्य रूप से देनी होगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि तेजी से इंटरव्यू का यह विकल्प बेहद सीमित संख्या में और केवल चुनिंदा दूतावासों या वाणिज्य दूतावासों में ही उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार द्वारा जारी शुरुआती नोटिस में अभी इन चुनिंदा दूतावासों की सूची शामिल नहीं की गई है। इसके अलावा, प्रशासन ने साफ किया है कि 750 डॉलर की यह प्रीमियम सर्विस इस बात की कोई गारंटी नहीं देती है कि आपका वीजा निश्चित रूप से जारी हो जाएगा और न ही यह प्रशासनिक जांच में लगने वाले समय को कम करेगी।
इन देशों के यात्रियों पर लागू नहीं होंगे नए नियम
यह नया पायलट प्रोग्राम उन देशों से आने वाले विदेशी यात्रियों पर बिल्कुल भी लागू नहीं होता है जो पहले से ही अमेरिका के ‘वीजा-वेवर प्रोग्राम’ (Visa-Waiver Program) का हिस्सा हैं। इस विशेष छूट वाले प्रोग्राम में यूरोप के अधिकांश विकसित देशों को शामिल किया गया है।
- इस लिस्ट में मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, चिली, इजरायल और जापान जैसे देश शामिल हैं।
- इसके अलावा कतर, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम के नागरिकों को भी छूट प्राप्त है।
- इन देशों के नागरिकों को पर्यटन या बिजनेस के लिए अमेरिका आने पर पारंपरिक वीजा की जरूरत नहीं होती।
- अन्य विकासशील देशों के आवेदकों के लिए यह प्रीमियम इंटरव्यू सेवा बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।
यह नया पायलट प्रोग्राम ट्रंप प्रशासन के उन हालिया सख्त कदमों के बाद पेश किया गया है, जिनसे कुछ विदेशियों के लिए देश में प्रवेश करना काफी जटिल हो गया था। इससे पहले सरकार ने ज्यादा ओवरस्टे दर वाले देशों के यात्रियों के लिए 15 हजार डॉलर तक का बांड भरने और सोशल मीडिया हिस्ट्री की जांच करने जैसे कड़े नियम लागू किए थे।
Author: Shilla Bhatia


