Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लगातार हो रही मानसून की भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र में आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जगह-जगह हुए भूस्खलन से सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। इससे सरकारी विभागों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ। इस कारण कुल 34 मुख्य सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गईं। बंद सड़कों में चंबा की 11, भरमौर की 15, सलूणी की 4 सहित तीसा और पांगी क्षेत्र की 2-2 प्रमुख सड़कें शामिल थीं।
सड़क मार्ग बहाली के लिए युद्धस्तर पर कार्य
सड़कों के बंद होने के तुरंत बाद लोक निर्माण विभाग की टीम हरकत में आई। विभाग ने युद्धस्तर पर राहत और बहाली का कार्य शुरू किया। राहत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद शाम तक 27 सड़कों को दोबारा चालू कर दिया। इससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
हालांकि जिले के दूरदराज इलाकों में 7 सड़कें अभी भी पूरी तरह बंद हैं। इन बंद मार्गों में भरमौर की 3, सलूणी की 2 और पांगी क्षेत्र की 2 सड़कें शामिल हैं। इन बंद रास्तों पर मलबे को हटाने और यातायात बहाल करने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
बिजली के ट्रांसफार्मर ठप और पेयजल संकट
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चंबा में बिजली व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। तेज आंधी से बिजली की तारें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे जिले के 19 बिजली ट्रांसफार्मर अचानक बंद हो गए। इसके कारण दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई और अंधेरा छा गया।
बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाम तक 11 ट्रांसफार्मरों को ठीक कर दिया। बचे हुए 8 ट्रांसफार्मरों को चालू करने का कार्य तेजी से चल रहा है। दूसरी ओर जलशक्ति विभाग को भी इस मानसून सीजन में भारी क्षति का सामना करना पड़ा है।
दर्जनों पेयजल योजनाएं प्रभावित और मरम्मत जारी
भूस्खलन के कारण जिले की 37 महत्वपूर्ण पेयजल योजनाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा नुकसान तीसा क्षेत्र में हुआ है, जहां की 30 जलापूर्ति योजनाएं बंद पड़ी हैं। विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए शाम तक 10 बंद पानी की योजनाओं को बहाल कर दिया है।
शेष 27 क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत का कार्य अभी भी मौके पर जारी है। स्थानीय जिला प्रशासन और संबंधित सरकारी विभाग प्रभावित क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी से डटे हैं। वे सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए काम कर रहे हैं।

