Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा है। प्रशासन और पर्वतारोहण संस्थान की टीम ने दुर्गम लियूंडी धार में फंसे 24 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला है। मूसलाधार बारिश के कारण नाले का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे श्रद्धालुओं का संपर्क पूरी तरह से कट गया था।
श्रद्धालु छड़ोले वाली माता मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के लिए गए थे। वापसी के समय लियूंडी नाले में बना लकड़ी का अस्थायी पुल पानी के तेज बहाव में बह गया। नाले के रौद्र रूप ने श्रद्धालुओं को पहाड़ियों के बीच फंसा दिया। प्रशासन को सूचना मिलते ही बचाव दल को मौके पर भेजने का त्वरित निर्णय लिया गया।
दुर्गम रास्तों में पहुंची राहत और खाद्य सामग्री
एडीएम विकास शर्मा ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए लोक निर्माण विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से सहायता टीम भेजी। रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही इन लोगों ने कठिन रास्तों से गुजरकर श्रद्धालुओं तक पर्याप्त भोजन और रसद पहुंचाई। इससे प्रतिकूल मौसम के बीच श्रद्धालुओं की शारीरिक ऊर्जा और हिम्मत बनी रही।
पर्वतारोहण संस्थान की छह सदस्यीय विशेषज्ञ टीम भद्रा गांव से 10 किलोमीटर पैदल रास्ता तय कर घटनास्थल पहुंची। एनडीआरएफ की टुकड़ी भी किसी भी आपात स्थिति के लिए बैकअप के रूप में तैनात रही। एक्सपर्ट्स ने अपनी प्रोफेशनल तकनीक और रस्सी का उपयोग करके सभी 24 श्रद्धालुओं को एक-एक कर सुरक्षित नाले के पार पहुंचाया।
प्रशासन और रेस्क्यू टीम की जांबाजी की प्रशंसा
एडीएम विकास शर्मा ने इस सफल ऑपरेशन के लिए पर्वतारोहण संस्थान, एनडीआरएफ, पीडब्ल्यूडी और स्थानीय लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खराब मौसम और बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस दिखाया। सभी श्रद्धालुओं के सुरक्षित लौटने के बाद प्रशासन ने अब राहत की सांस ली है और क्षेत्र में अलर्ट जारी है।
भरमौर का यह क्षेत्र अपनी कठिन भौगोलिक बनावट के लिए जाना जाता है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि बारिश के मौसम में ऐसे दुर्गम रास्तों पर जाने से बचें। नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना बनी रहती है, जिससे सुरक्षा का जोखिम बढ़ जाता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को टालना प्राथमिकता है।

