मानसून में बढ़ा फूड पॉइजनिंग का खतरा, खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्ट्रीट वेंडर्स के लिए जारी की सख्त गाइडलाइन

- Advertisement -

Prayagraj News: बारिश के सुहावने मौसम में समोसे, पकौड़े और कटलेट जैसे चटपटे पकवानों का स्वाद हर किसी को लुभाता है। हालांकि, इस सीजन में हाइजीन की अनदेखी से फूड पॉइजनिंग और पेट इन्फेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने नई गाइडलाइन जारी की है।

मानसून के दौरान वातावरण में नमी और तापमान में बदलाव के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। यह दूषित भोजन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को गंभीर रूप से बीमार कर सकता है। इसलिए प्रशासन इस समय खाद्य पदार्थों के रखरखाव और पर्सनल हाइजीन पर विशेष जोर दे रहा है।

- Advertisement -

प्रयागराज में 15 फूड सेफ्टी ऑफिसर कर रहे दुकानों की सख्त निगरानी

प्रयागराज में खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर के अलग-अलग 17 जोन में कुल 15 फूड सेफ्टी ऑफिसर लगातार बाजारों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारी दुकानों पर जाकर लाइसेंस, पानी की शुद्धता और खुले में रखी खाद्य सामग्री की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

शहर के प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड और कॉलेज एरिया के पास स्ट्रीट फूड की भारी मांग रहती है। अक्सर वेंडर खाद्य सामग्री को बिना ढके ही बेचते हैं, जिससे गंदे वातावरण का असर खाने पर पड़ता है। विभाग अब सभी छोटे-बड़े दुकानदारों को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और हाइजीन सिस्टम से जोड़ने में जुटा है।

किचन से लेकर पर्सनल हाइजीन पर फोकस रखने की डॉक्टरों ने दी सलाह

नई गाइडलाइन के अनुसार, दुकानदारों को खाना बनाने से पहले और बाद में हाथ धोने तथा बर्तनों को साफ रखने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कटे हुए फल या सलाद को ज्यादा समय तक बाहर रखना खतरनाक हो सकता है। ताजा भोजन और साफ पानी ही मानसून जनित बीमारियों से बचाव का सबसे आसान तरीका है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका मुख्य फोकस केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं है। वे स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे दुकानदारों को लगातार नियमों के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। बारिश के इस चुनौतीपूर्ण मौसम में ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए दुकानदारों को हाइजीन प्राथमिकता पर रखनी होगी।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles