Mumbai News: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार तेजी का माहौल देखा गया। शुरुआती कारोबारी सत्र में ही सेंसेक्स 650 अंकों की विशाल छलांग लगाकर 78,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। इसके साथ ही एनएसई निफ्टी 50 भी 24,350 के ऊपर मजबूती से पहुंच गया।
दलाल स्ट्रीट में आई इस अचानक मजबूती से निवेशकों में भारी उत्साह दिखा। बाजार में जबरदस्त उछाल आने के कारण बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 2.65 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया। इसके बाद यह बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया।
आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी लिवाली
बाजार की इस रिकॉर्ड रफ्तार में आईटी सेक्टर के शेयरों ने सबसे मुख्य भूमिका निभाई। एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टीसीएस जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में 2 से 5 फीसदी तक की बड़ी बढ़त दर्ज की गई। इसने इंडेक्स को मजबूत सहारा दिया।
इन बड़े नामों के अलावा टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में भी एक फीसदी से ज्यादा का उछाल देखा गया। हालांकि बिकवाली के दबाव के कारण महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर करीब एक फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करते हुए दिखाई दिए।
शेयर बाजार में आई तेजी के पांच बड़े कारण
बाजार में आई इस बड़ी तेजी के पीछे पांच मुख्य कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है:
- यूएस फेड से राहत की उम्मीद: अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़े आने के बाद निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। अब फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी न करने की संभावना जताई जा रही है।
- रुपए की विनिमय दर में मजबूती: वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से भारतीय रुपए को काफी बल मिला। शुरुआती कारोबार में रुपया 18 पैसे मजबूत होकर 85.17 प्रति डॉलर पर खुला।
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर ब्रेक: विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की बिकवाली की रफ्तार में बड़ी कमी आई है। गुरुवार को इन्होंने केवल 312 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की, जिससे बाजार का दबाव कम हुआ।
- आईटी शेयरों का आकर्षक वैल्यूएशन: कम वैल्यूएशन और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद के चलते आईटी कंपनियों में जोरदार खरीदारी हुई। निवेशकों ने इस सेक्टर में जमकर पैसे लगाए।
- ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेत: एशियाई बाजारों में कोस्पी, निक्केई, हैंगसेंग और शंघाई कंपोजिट शानदार बढ़त पर थे। अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों से मिले मजबूत सेंटीमेंट्स का सीधा लाभ घरेलू शेयर बाजार को मिला।

