Washington News: स्पेस वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में एक ऐसा अनोखा ग्रह खोजा है जहां पानी के बजाय नमक की बारिश होती है। इस एक्सोप्लैनेट का नाम GJ 504b है, जो पृथ्वी से करीब 57 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। यह अपने अजीब मौसम और बेहद खूबसूरत मैजेंटा गुलाबी रंग की वजह से चर्चा में है।
नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने किया बड़ा खुलासा
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से हुई नई रिसर्च में इस सीक्रेट ग्रह के वातावरण का पता चला है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस नए ग्रह के वायुमंडल में कुछ ऐसे खास केमिकल्स मौजूद हैं, जो आसमान में पानी के बजाय पूरी तरह खारे बादल बनाने की क्षमता रखते हैं।
ग्रहों के टाइम स्केल के हिसाब से यह बेहद नया ग्रह माना जा रहा है। नया होने की वजह से इसके अंदर से आज भी भारी मात्रा में हीट निकल रही है। इसी इंटरनल हीट और तेज गर्मी के कारण अंतरिक्ष में यह ग्रह गहरे मैजेंटा यानी चमकीले गुलाबी रंग का दिखाई देता है।
गर्म वातावरण के कारण बनता है पोटेशियम क्लोराइड का गैस
इस ग्रह का तापमान 260 डिग्री सेल्सियस से 370 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इतने हाई टेंपरेचर के कारण पोटेशियम क्लोराइड जैसे मिनरल्स ठोस रहने के बजाय सीधे गैस बनकर आसमान में उड़ जाते हैं। यह मिनरल असल में एक प्रकार का नमक ही होता है जो ऊपर जाकर जमता है।
वैज्ञानिकों का दावा है कि जब पोटेशियम क्लोराइड और जिंक सल्फाइड से बने ये बादल बहुत भारी हो जाते हैं, तो नमक के कण नीचे गिरने लगते हैं। साइज की बात करें तो यह ग्रह बृहस्पति से करीब 25 गुना ज्यादा भारी है, जो इसे सबसे विशाल गैस एक्सोप्लैनेट्स में शामिल करता है।

