New Delhi News: देश में आम जनता के लिए किफायती मोबाइल फोन अब सस्ते हो सकते हैं। ग्रांट थॉर्नटन भारत और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन ने अपनी एक संयुक्त रिपोर्ट में बुधवार को सरकार को एक बड़ा सुझाव दिया है। इसके तहत 25,000 रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी को घटाकर सिर्फ पांच प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है।
डिजिटल इकोनॉमी में स्मार्टफोन की बदलती भूमिका पर दिया जोर
इस संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि कम कीमत वाले बजट स्मार्टफोन पर मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर की नए सिरे से समीक्षा करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा समय में लागू 18 प्रतिशत की उच्च जीएसटी दर अब भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में स्मार्टफोन की महत्वपूर्ण और बदलती भूमिका को सही ढंग से नहीं दर्शाती है।
रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि देश में अधिक कीमत वाले प्रीमियम और महंगे उपकरणों पर टैक्स की दरों में कोई बदलाव न किया जाए। इन महंगे मोबाइल फोन पर 18 प्रतिशत की मौजूदा जीएसटी दर को आगे भी पूरी तरह से बनाए रखने का सुझाव दिया गया है, ताकि राजस्व संतुलन बना रहे।
आम उपभोक्ताओं को लाभ और मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा
इस विशेष अध्ययन के अनुसार, टैक्स के इस नए ढांचे को लागू करने से पहली बार मोबाइल खरीदने वाले और मूल्य-संवेदनशील उपभोक्ताओं के लिए स्मार्टफोन खरीदना काफी आसान हो जाएगा। यह कदम न केवल मध्यमवर्ग को राहत देगा बल्कि मोबाइल हैंडसेट को हर आम भारतीय की पहुंच के भीतर लाकर बाजार में मांग बढ़ाएगा।
यह महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया अभियान और वित्तीय समावेशन के विजन को जमीनी स्तर पर मजबूत सहारा देगा। इसके साथ ही, इस नई टैक्स व्यवस्था से देश के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और लोकल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के बड़े लक्ष्यों को भी समय पर हासिल करने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।

