Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में जहालमा नाले के पास भारी भूस्खलन के बाद सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया। मार्ग बंद होने से प्रशासन और सीमा सड़क संगठन अलर्ट मोड में आ गए हैं। पंचायत चुनाव के बीच यह स्थिति प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
बुधवार को जिला उपायुक्त और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष किरण भड़ाना ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को जल्द से जल्द सड़क बहाल करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने साफ किया कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
पंचायत चुनावों के बीच बढ़ी प्रशासन की चुनौती
लाहौल-स्पीति में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया जारी है। ऐसे समय में सड़क टूटने से चुनावी तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन को पोलिंग पार्टियों, चुनाव कर्मियों और मतदान सामग्री को समय पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। इसी वजह से हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि सड़क बाधित होने से जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार BRO के साथ संपर्क में है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और सभी जरूरी कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।
छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग की तैयारी
निरीक्षण के दौरान सीमा सड़क संगठन 94 आरसीसी के ओसी मेजर पारस कोचर ने प्रशासन को राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फंसे हुए वाहनों को निकालने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा रहा है। मशीनों और कर्मचारियों की मदद से युद्धस्तर पर काम जारी है।
मेजर पारस कोचर ने उम्मीद जताई कि मौसम सामान्य रहा तो बुधवार शाम तक छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता खोल दिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
इस दौरान केलांग की एसडीएम कुनिका एकर्स और बीडीओ विवेक गुलेरिया भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने राहत और बहाली कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। प्रशासन ने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
Author: Sunita Gupta

