Shimla News: हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना कराई जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सोमवार को जनगणना निदेशक दीप शिखा शर्मा ने मुलाकात की और पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। इस बार लोगों को ‘स्व-गणना’ की नई सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई बैठक के दौरान जनगणना निदेशक ने बताया कि पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकान गणना होगी। इसके बाद दूसरे चरण में परिवारों और जनसंख्या से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए विस्तृत तैयारी शुरू कर दी है।
पहली बार मिलेगी स्व-गणना की डिजिटल सुविधा
जनगणना विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में पहले चरण का काम 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा। वहीं, नागरिक पहली जून से 15 जून 2026 के बीच स्व-गणना पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भी दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा लोगों को घर बैठे प्रक्रिया पूरी करने का विकल्प देगी।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी। प्रगणक और पर्यवेक्षक मोबाइल फोन के जरिए जानकारी एकत्र करेंगे। सरकार द्वारा तय 33 प्रश्नों के आधार पर प्रदेश के सभी मकानों और परिवारों का डाटा रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे प्रक्रिया तेज होने के साथ आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ने की उम्मीद है।
हिमाच्छादित और अन्य क्षेत्रों का अलग शेड्यूल
राज्य के हिमाच्छादित इलाकों में दूसरे चरण की जनगणना 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक होगी। वहीं, बाकी क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 के बीच पूरी की जाएगी। मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह अलग शेड्यूल तय किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जनगणना लोकतंत्र और विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना से मिले आंकड़े भविष्य की योजनाओं, सरकारी नीतियों और विकास कार्यों को तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
Author: Sunita Gupta


