Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के बीच सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्षी दल भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने आचार संहिता के उल्लंघन, मुख्य सचिव की नियुक्ति और ईंधन की कीमतों पर भाजपा को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा पलटवार किया।
पंचायत चुनाव के दौरान कैबिनेट बैठक पर मुख्यमंत्री का रुख
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि चुनावी माहौल में कैबिनेट बैठकें करना कोई नई परंपरा नहीं है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों वीरभद्र सिंह, प्रेम कुमार धूमल और जयराम ठाकुर के कार्यकालों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा का मौजूदा विरोध केवल सस्ती राजनीति का हिस्सा है, क्योंकि पहले भी ऐसी बैठकें होती रही हैं।
हालिया कैबिनेट बैठक का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें जनहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार बजट घोषणाओं को समय पर धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। चुनाव आचार संहिता का सम्मान करते हुए इस बैठक की प्रेस ब्रीफिंग परिणाम आने के बाद 1 जून को की जाएगी।
मुख्य सचिव की नियुक्ति और प्रशासनिक फैसलों पर छिड़ा विवाद
संजय गुप्ता को नियमित मुख्य सचिव बनाने के फैसले पर मुख्यमंत्री ने भाजपा की सोच पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम अब केवल हर प्रशासनिक निर्णय का विरोध करना रह गया है। सुक्खू के अनुसार प्रशासनिक नियुक्तियां पूरी तरह से राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा होती हैं।
मुख्यमंत्री ने भाजपा की नीतियां को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्ष हर जायज फैसले को राजनीतिक रंग दे रहा है। उन्होंने भाजपा नेताओं को अपना पुराना इतिहास देखने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि बिना तथ्यों के केवल विवाद खड़ा करना विपक्ष की आदत बन चुकी है।
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र को घेरा
ईंधन की बढ़ती कीमतों पर मुख्यमंत्री ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने महज 11 दिनों में दाम सात रुपये तक बढ़ा दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राज्य विधानसभा में अनाथ और विधवा सेस का मुद्दा आया था, तब भाजपा ने पुरजोर विरोध दर्ज कराया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा बढ़ाए गए दामों पर राज्य के भाजपा नेता पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। ईंधन की यह भारी बढ़ोतरी सीधे तौर पर गरीबों, अनाथों और विधवाओं की अनदेखी का परिणाम है। इससे प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त और भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
व्यापारियों को राहत और इंस्पेक्टर राज खत्म करने का दावा
स्थानीय कारोबारियों और दुकानदारों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश से इंस्पेक्टर राज खत्म करने की घोषणा की है। अब व्यापारी अपनी सुविधानुसार 24 घंटे दुकानें खुली रख सकते हैं। सरकार व्यापार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में एक सकारात्मक माहौल तैयार कर रही है।
व्यापारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ सरकार ने श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि कर्मचारियों और श्रमिकों को उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक जरूर मिलेगा। सुक्खू ने पंचायत चुनाव के पहले चरण में जनता की भारी भागीदारी पर खुशी जताई।
Author: Sunita Gupta


